--अति नक्सल प्रभावित इलाकों में बाजार तक रहे बंद, पेट्रोल पंप पर भी लटके रहे ताले

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- गिरिडीह में इनामी नक्सली सुनील मांझी सहित 15 की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों ने किया था बंद का आह्वान

- लोहरदगा में बॉक्साइट ढोने वाले मालवाहकों का परिचालन भी ठप

- चतरा में सीसीएल की आम्रपाली एवं मगध सहित एनटीपीसी की नॉर्थ कर्णपुरा ताप बिजली परियोजना का काम भी ठप

रांची : गिरिडीह में इनामी नक्सली सुनील मांझी सहित 15 की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को आहूत झारखंड बंद के दौरान राज्यभर में अधिकतर स्थानों पर कोयला व बॉक्साइट की खदानें लगभग ठप रहीं. अधिकतर खदानों में उत्खनन का कार्य भी नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टिग भी ठप रही. चतरा में सीसीएल की आम्रपाली एवं मगध सहित एनटीपीसी की नॉर्थ कर्णपुरा ताप बिजली परियोजना का काम भी ठप रहा. नक्सल प्रभावित इलाकों में वाहनों की रफ्तार थमी रही. लंबी दूरी के वाहनों का परिचालन जहां ठप रहा वहीं बाजार तक बंद रहे. अति नक्सल प्रभावित इलाकों में पेट्रोल पंपों पर भी ताले लटके रहे. इक्के-दुक्के वाहनों के चलने से लोगों की खासी परेशानी झेलनी पड़ी. बंद के दौरान पश्चिम सिंहभूम के गोइलकेरा में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर के संदेह में एक चौकीदार की हत्या कर दी, अन्य किसी जिले से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

नहीं चलीं गाडि़यां

अति नक्सल प्रभावित खूंटी जिले में लंबी दूरी की गाडि़यां नहीं चलीं. हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से चौक-चौराहों पर सुरक्षा बल मुस्तैद रहे. रांची के समीप पिपरवार में औद्योगिक गतिविधियां ठप रहीं तो यातायात भी प्रभावित रहा, हालांकि बाजार खुले रहे. इसी तरह खलारी में बंद के कारण कोयले की ढुलाई ठप रही. सिमडेगा में व्यावसायिक प्रतिष्ठान तक बंद रहे. बंद के कारण लातेहार, लोहरदगा व गुमला में भी वाहनों का परिचालन ठप रहा. लातेहार स्ििात सभी लाइन होटलों में भी ताले लटके रहे. पलामू जिले में भी यात्री वाहनों का परिचालन ठप रहने के साथ कई पेट्रोल पंप बंद रहे. रामगढ़ के घाटो व उरीमारी में सीसीएल के कोयले की ट्रांसपोर्टिंग ठप रही.

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