PATNA : कहते हैं किस्मत और मेहनत के कॉम्बिनेशन से ही किसी एग्जाम में सफलता मिलती है. पर, यहां सिर्फ किस्मत के बूते ही सक्सेस मिलेगी. दरअसल, लॉटरी सिस्टम के कारण जिसकी किस्मत में उस स्कूल में एडमिशन होना लिखा होगा, इस जंग में जीत उसी की होगी.
सुबह 4 से 12 बजे तक तक लाइन में लग कर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरा है. टेस्ट के लिए बच्चों को पूरी तरह तैयार भी किया है. बावजूद इसके बच्चों का एडमिशन उनकी पसंद के स्कूल में होगा या नहीं, इस पर संशय बरकरार है. भाग्य ने अगर साथ नहीं दिया, तो एडमिशन होने से रहा. कुछ भी करके गार्जियंस अपने बच्चे का नाम लॉटरी से निकली लिस्ट में देखना चाहते हैं. इसलिए इसका एकमात्र सहारा है किस्मत की पूजा. भगवान की आरती और पंडित से मिन्नत.
तेरा पंडित जी करेंगे बेड़ा पार
अर्पिता का एडमिशन पिछले साल सेंट जोसफ के मैरी वार्ड में इसलिए नहीं हो पाया कि उसका नाम लॉटरी में नहीं निकला. सुमेश ने बेटी अर्पिता को टेस्ट एग्जाम के लिए काफी तैयार किया था, पर कोई फायदा नहीं हुआ. लोयेला के माण्टफोर्ड स्कूल में एडमिशन के लिए राहुल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. लॉटरी में नाम नहीं आने के बाद राहुल के पापा राजीव ने जब स्कूल से इसका कारण पूछा, तो वहां पता चला कि सब किस्मत की बात है. जिसका लक साथ देगा, सेलेक्शन उसी का होगा. इसमें हम कुछ नहीं कर सकते.
किस्मत की रेखा से होगा एडमिशन
एडमिशन का यह दर्द सिर्फ एक गार्जियन का नहीं है, बल्कि तमाम गार्जियंस इस किस्मत वाले एडमिशन प्रोसेस से परेशान हैं. अब तो सारी बातें लक पर ही डिपेंड हैं. जिसका लक अच्छा होगा, उसी का एडमिशन होगा. किस्मत के भरोसे एडमिशन की बात सुनने के बाद अब पंडित जी के पास लाइन लगने लगी है. सुबह से शाम तक लोग अपने बच्चे की किस्मत रेखा दिखाने जा रहे हैं.


















