गंजापन कभी नहीं आए, जब ये नौ योगासन आजमाए

By: Inextlive | Publish Date: Tue 17-Jan-2017 10:22:00
A- A+
गंजापन कभी नहीं आए, जब ये नौ योगासन आजमाए
बालों का झड़ना आज एक आम समस्‍या बन गया है। ज्‍यादातर लोग बाल गिरने की शिकायत करते नजर आते हैं, पर कम ही लोग समझ सकते हैं कि वास्‍तव में इसका कारण क्‍या है। बाल दरसल इंसान के स्‍वास्‍थय से जुड़ी कई समस्‍याओं के कारण झड़ने लगते हैं। इनमें से मुख्‍य कारण है तनाव, इसके अलावा पेट का ठीक ना होना, हारमोनल डिस्‍ऑर्डर, खाने की गलत आदतें, दवाइयों का प्रभाव, स्‍मोकिंग और जरूरत से ज्‍यादा हेयर डाईज का इस्‍तेमाल। आपके बालों के लिए योग बहुत मददगार साबित हो सकता है। योग आपके संपूर्ण शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। योग के जरिये आप बालों के झड़ने की समस्‍या से बच सकते हैं। यहां दिये गये नौ योगासन आपके बालों का झड़ना तो रोकते ही हैं साथ में आपके स्‍वास्‍थय को भी ठीक रखने में मदद करते हैं।

 

अधोमुख श्‍वासन
अधोमुख श्‍वासन  की सहायता से आप अपने दिमाग को शांत कर सकते हैं और अवसाद को दूर कर सकते हैं। यदि नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास किया जाए तो हमारे सिर में खून का संचार सही तरीके से होगा, पाचन क्रिया सही रहेगी और हम तनावमुक्त रहेंगे। जाहिर है कि इसके बाद हमारे बालों का गिरना कम हो जायेगा।

उत्‍तानासन
उत्‍तानासन से सिर, कमर पैर और रीढ़ की हड्डी का व्यायाम होता है। खड़े रहकर योग का अभ्यास करने के बाद इस मुद्रा का अभ्यास करने से ये अधिक असरदार होता है। इस आसन से रीढ़ की हड्डियों में पर्याप्त खींचाव होता है। गर्दन और मस्तिष्क को रिलैक्स मिलता है। मानसिक तनाव कम होता है और शांति मिलती है।
आउच! बिना पानी निगल ली दवा की गोली, जानें क्‍या होगा रामा रे!

वज्रासन
सब प्रकार के आसनों में वज्रासन ही एक ऐसा आसन है, जिसे भोजन या नाश्ता करने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। यह आसन दिन में किसी भी समय किया जा सकता है। शरीर में ब्‍लड सरकुलेशन दुरुस्त करने और पाचनशक्ति बढ़ाने के लिए वज्रासन को बेस्‍ट बताया गया है। रोज वज्रासन करने से जांघें और घुटने मज़बूत बनते हैं। वज्रासन करने से कमर के निचले हिस्से से पैर तक के सारे स्नायुओं की कसरत होती है। साथ ही ज्‍यादा खाना खाने के बाद होने वाली बेचैनी वज्रासन करने से दूर हो जाती है।

अपानासन
यह आसन शरीर के जहरीले पदार्थो को बाहर निकाल कर शरीर को शुद्ध करता है, दिमाग को शांत रखता है और कब्ज से राहत देता है।

पवनमुक्‍तासन
पवनमुक्तासन इससे गैस कम होती है तथा पाचन अच्छे से होता है। पीठ के निचले हिस्से की मांस पेशियाँ मज़बूत होती हैं। इससे पेट और नितम्बों पर जमा हुआ वसा भी कम होता है। अच्छे पाचन के कारण संतुलन बढ़ता है और बाल भी बढ़ते हैं।
ज्‍यादा गर्म पानी से नहाने वाले हो जाएं सावधान, होते हैं ये नुकसान

सर्वागासन
सर्वांग आसन यह थायराइड ग्रंथि के पोषण में सहायक है जिसके कारण आपका श्वसन, पाचन, जननांग और तंत्रिका तंत्र स्वस्थ तरीके से कार्य करते हैं। इस आसन में सिर नीचे की ओर झुका हुआ होता है जिसके कारण सिर की त्वचा में रक्त का परिसंचरण अच्छे से होता है जिससे बालों का गिरना कम हो जाता है। 

कपाल भारती प्रणायाम
कपालभारती प्राणायाम इस प्राणायाम के कारण आपके मस्तिषक की कोशिकाओं को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है जो आपके तंत्रिका तंत्र के लिए बहुत अच्छा है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलता है तथा मोटापे और मधुमेह को दूर करने में भी सहायक है। यह शरीर में संतुलन बनाए रखता है जिसके कारण बालों का झड़ना कम हो जाता है। 

भस्त्रिका प्राणायाम
यह हमारे शरीर से कफ और पित्त को बाहर निकाल देता है और पूरे नर्वस सिस्टम को शुद्ध करके सभी तरह की बीमारियों से निजात दिलाता है।
शरीर के इन अंगो को छूआ तो समझो आई शामत

नाणीशोधन प्रणायाम
जिन लोगों को हृदय से जुड़ी परेशानियां हैं, अस्थमा है, आर्थराइटिस, अवसाद, तनाव, या फिर माइग्रेन है, उनके लिए यह प्राणायाम काफी फायदेमंद है।

Health News inextlive from Health Desk