PATNA : विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन तक सात लोगों ने ही पर्चा भरा. इससे पहले राबड़ी देवी सहित कुल चार लोगों ने नामांकन पत्र दािल किया था. नामांकन के अंतिम दिन तक कुल 11 लोगों ने ही पर्चा भरा. इस वजह से साी 11 लोगों का विधान परिषद में जाने का रास्ता साफ हो गया है. सभी निर्विरोध विधान परिषद के लिए चुने जाएंगे.

नामांकन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय एवं कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्रा समेत सात उमीदवारों ने पर्चा दािल किया. कोई अतिरिक्त प्रत्याशी नहीं आया. 17 अप्रैल को स्क्रूटनी एवं 19 को नाम वापस लेने की आखिरी तारीख के बाद जीत की औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी.

नीतीश, सुशील की तीसरी पारी

विधान परिषद में नीतीश, सुशील एवं राबड़ी की तीसरी पारी तथा मंगल की दूसरी पारी होगी. जदयू ने नीतीश के अलावा रामेश्वर महतो एवं खालिद अनवर को प्रत्याशी बनाया है. भाजपा ने सुशील मोदी एवं मंगल के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान को मौका दिया है. राजद की ओर से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे एवं सैयद खुर्शीद मोहसिन ने पर्चे भर दिए हैं, जबकि चौथे प्रत्याशी के रूप में राजद ने हम प्रमुख जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष सुमन को समर्थन दिया है.

राबड़ी की लगातार दूसरी पारी

2005 के विधानसभा चुनाव में राजद सरकार के पतन के बाद नीतीश कुमार और सुशील मोदी पहली बार 2006 में विधान परिषद के सदस्य बने थे. इसके पहले दोनों लोकसभा सदस्य थे. बिहार में राजग की सरकार बनने के बाद दोनों एक साथ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाए गए थे, जिसके बाद लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर विधान परिषद में निर्वाचित हुए थे. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की यह तीसरी पारी है और लगातार दूसरी. राबड़ी पहली बार 1998 में परिषद की सदस्य तब बनी थीं, जब चारा घोटाले में लालू प्रसाद को 1997 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.