-गीडा की कॉलोनी के रहवासियों का नहीं रखते कोई ख्याल

-पुलिस पिकेट तो दूर, गार्ड भी मुहैया नहीं करा सके अफसर

स्कवायर फीट के हिसाब से चुकाते सुरक्षा की कीमत
गीडा के सेक्टर 23 में छोटी-बड़ी तीन कॉलोनियां हैं, जिनमें कम से कम एक हजार रहवासी हैं. गीडा में काम करने वाले कर्मचारियों के अतिरिक्त कुछ अन्य लोगों ने भी मकान बनवाए हैं. गीडा की प्लाटिंग के दौरान लोगों ने अपने-अपने प्लाट्स की बुकिंग शर्तो के मुताबिक कराई थी. प्लाट लेने वाले ग्राहकों से गीडा में सिक्योरिटी की व्यवस्था के नाम पर हर साल शुल्क वसूला जाता है. मेंटीनेंस के नाम पर जहां 24 रुपए प्रतिस्कवायर फीट की रकम ली जाती है. वहीं, सुरक्षा देने के लिए 22 रुपए का रेट निर्धारित है. हर साल सुरक्षा शुल्क वसूलने वाली अथारिटी अपने लोगों के लिए कोई प्रबंध नहीं कर पा रही. उधर, पुलिस प्रशासन की लापरवाही से अक्सर कोई न कोई वारदात होती है.

न गेट न बाउंड्री, दिनभर भटकते रहते संदिग्ध
कॉलोनी की सुरक्षा के लिए कोई बाउंड्री नहीं बनाई जा सकी है. कॉलोनी के लोग दो साल से गेट लगाने की मांग कर रहे हैं. पूर्व में हुई घटनाओं को देखते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए आश्वस्त किया था. लेकिन अभी तक कालोनी की सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं किया जा सका है. लोगों का कहना है कि परिवार के पुरुषों के काम पर चले जाने के बाद महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोग दहशत में रहते हैं. लोकल पुलिस भी कॉलोनी में गश्त करने नहीं पहुंचती. करीब डेढ़ साल पूर्व मोहल्ले के अत्रिमुनि सिंह के घर में घुसकर बदमाशों ने लूटपाट की थी. उनकी पत्नी के गले से चेन लूट ले गए थे. इसी कॉलोनी में रहने वाले अधिवक्ता की कार का शीशा मनबढ़ तोड़ दे रहे हैं. छह माह के भीतर दो बार उनके साथ घटना हो चुकी है. कालोनी में पार्किग, नाली की सफाई सहित अन्य समस्याएं भी लोगों को परेशान कर रही हैं.

क्‍या कहते हैं लोग

मोहल्ले में तमाम अंजान लोग घूमते रहते हैं. गेट न होने से रात में भी कोई न कोई आता- जाता रहता है. इस वजह से सुरक्षा का खतरा बढ़ा रहा है. बाइक से घूमने वाले बदमाश अक्सर लोगों के साथ वारदात करते हैं.
अत्रिमुनि सिंह, कालोनीवासी

मेरी कार दरवाजे के सामने खड़ी होती है. अक्टूबर माह में मनबढ़ों ने पत्थर फेंक करके मेरी कार का शीशा तोड़ दिया था. तीन अप्रैल को दोबारा मेरे साथ यह घटना हुई. मेरे शिकायत करने पर लोकल पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. गीडा के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं देते.
बलिकरन, एडवोकेट, कॉलोनीवासी

गीडा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाता. पार्क में नशेडि़यों और जुआरियों का जमावड़ा होने से कोई विरोध नहीं कर पाता. जब हमसे सुरक्षा शुल्क लिया जाता है तो इंतजाम क्यों नहीं किया जाता.
गिरजेश सिंह, कालाेनीवासी

पुलिस कर्मचारियों की तैनाती कराई जाएगी
गीडा की कालोनियों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी. जल्द से जल्द आईजी से बात करके पुलिस कर्मचारियों की तैनाती कराई जाएगी. कॉलोनी में सुरक्षा गार्ड भी लगाया जाएगा.
हर्षिता माथुर, सीईओ, गीडा