- सिटी के मशहूर मॉल जेडी हाई स्ट्रीट में भी सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम नहीं

- केवल चार प्राइवेट गार्ड हैं तैनात, किसी के पास एक डंडा भी नहीं

- हर रोज जुटती है छह हजार लोगों की भीड़

- छुट्टी के दिनों में बढ़ जाता है पब्लिक का आना

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RANCHI (16 July) : खासम-खास लोगों की सुरक्षा में भारी संख्या में पुलिसवाले तैनात दिखाई देते हैं, पर सिटी में आम लोगों की सुरक्षा हमेशा से ही कंप्रोमाइजिंग फैक्टर रहा है. जब तक कोई बड़ा हादसा न हो, किसी तरह की निषेधात्मक कार्रवाई नहीं होती. सिटी के अति व्यस्त जेडी हाई स्ट्रीट में भी सुरक्षा की घनघोर खामियां नजर आती हैं. इस मॉल का लोकेशन बेहद प्राइम है. शहर के बीचो-बीच मेन रोड (महात्मा गांधी मार्ग) में है यह मॉल. हर रोज यहां हजारों की भीड़ जुटती है. लेकिन, हैरानी की बात यह है कि सुरक्षा जांच के नाम पर यहां कोई इंतजाम नहीं है.

केवल कपड़ों के टैग का डिटेक्शन

इस मॉल में करीब एक दर्जन ब्रांड्स के आउटलेट हैं. तीन फ्लोर में कपड़े, जूते और अन्य सामान बिकते हैं. चौथे तल्ले में फन जोन, पांचवें पर फूड कोर्ट और सातवें तल्ले पर कार्निवाल सिनेमा है. इंट्री प्वाइंट एक ही है, जहां से लोग सीधा ब्रांडेड आउटलेट्स को पहुंच जाते हैं. प्रवेश द्वार पर दो डिटेक्शन गेट हैं, लेकिन इनमें केवल कपड़ों में लगे मेटल टैग ही डिटेक्ट होते हैं. अगर कोई व्यक्ति हथियार, गोला-बारूद लेकर अंदर जाना चाहे, तो आराम से ले जा सकता है. किसी के बैग की तलाशी नहीं ली जाती. यानी चोर तो पकड़ लिये जाएंगे, लेकिन इरादतन अगर कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा, तो उसे पकड़ना लगभग नामुमकिन होगा.

केवल सिनेमा हॉल में ही होती है तलाशी

जेडी हाई स्ट्रीट के सातवें तल्ले में स्थित कार्निवाल सिनेमा में तलाशी ली जाती है. सिनेमा हॉल के भीतर खाने-पीने के सामान से लेकर पान-खैनी, गुटखा आदि ले जाना मना है. जिसकी जेब से ऐसा कोई भी सामान निकलता है, तो उसे डस्टबिन में फेंक दिया जाता है. अन्य तल्लों में स्थित दुकानों या फूड कोर्ट तक में जांच नहीं होती. इस वजह से सुरक्षा की स्थिति बेहद लचर नजर आती है.

इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट भीड़ संभालने लायक नहीं

इस मॉल के पीछे, एग्जिट प्वाइंट के लिए दो सीढि़यां हैं, लेकिन एक सीढ़ी बेहद संकरी है. अगर कोई हादसा हो जाए और एक साथ साकड़ों लोग भागने लगें, तो उनके सीढि़यों में फंसने और भगदड़ मचने की पूरी आशंका बनी रहेगी.

निहत्थे हैं सारे गा‌र्ड्स, कोई अधिकार भी नहीं

मॉल में चार प्राइवेट गा‌र्ड्स तैनात हैं, लेकिन किसी के पास न तो हथियार है और न ही एक डंडा. ये गा‌र्ड्स अपराधियों के पकड़ने में भी सक्षम नहीं हैं. पुलिस की पेट्रोलिंग शाम को होती है, लेकिन मोबाइल वैन केवल मेन रोड से होकर गुजर जाती है. कुल मिलाकर ऐसा प्रतीत होता है कि इस मॉल में सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंतनीय है.