ज्वैलरी मार्केट का फ्यूचर कैसा होगा?

इंडिया वल्र्ड में ज्वैलरी के बड़े एक्सपोर्टर्स में से एक है इसलिए यहां के ज्वैलरी मार्केट का फ्यूचर बहुत ब्राइट है। पिछले कुछ सालों में इंडिया का ऑनलाइन ज्वैलरी सेक्टर तेजी से बढ़ा है और ऐसा एस्टिमेट किया जा रहा है कि 2022 तक यह मार्केट करीब दो बिलियन डॉलर का हो सकता है। अभी तक ज्वैलरी मार्केट एक अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के डॉमिनेशन में काम करता था, लेकिन अब इसमें कई तरह के ट्रांसफॉर्मेशंस देखने को मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि ऑर्गनाइज्ड ज्वैलरी रिटेलर्स से आने वाले रेवेन्यू की ग्रोथ पांच से छह परसेंट तक हो सकती है। यह फिगर ओवरऑल इंडस्ट्री ग्रोथ का करीबन दो गुना है। वहीं ज्वैलरी के ऑनलाइन सेगमेंट का हिस्सा फिलहाल करीब 0।2 फीसदी का ही है पर आने वाले पांच सालों में यह आंकड़ा दो फीसदी तक पहुंच सकता है।

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ज्वैलरी मार्केट के मेजर ट्रेंड्स क्या रहेंगे?

डिजाइन और वियरिबिलिटी इस सेक्टर के की-फैक्टर्स होंगे। लोगों को अब ट्रेडिशनल के साथ मॉडिश डिजाइंस भी चाहिए तो जाहिर सी बात है कि जितने ज्यादा ऑप्‍शंस कंज्यूमर्स के पास होंगे, मार्केट ग्रोथ का रेट भी वैसा ही होगा। फाइन ज्वैलरी को लेकर लोगों में एक और बड़ा बदलाव आया है कि अब लोग गोल्ड को डेली बेसिस पर पहनना चाहते हैं, अब यह सिर्फ एक इनवेस्टमेंट की तरह घर या बैंक के लॉकर में रखने के लिए नहीं रह गया। तो हमारे पास सबसे बड़ा चैलेंज ये है कि हम लोगों को ऐसे डिजाइंस ऑफर करें, जो पहनने में उनके लिए कंफर्टेबल हों। यही वजह है कि लाइटवेट प्रेशियस ज्वैलरी की डिमांड बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। 18 कैरेट ज्वैलरी का मार्केट और भी तेजी से एक्सपैंड होगा।

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किस तरह की डिजाइंस होंगी डिमांड में?

अगर डिजाइंस की बात करें तो कस्टमर्स ग्लोबल ट्रेंड्स की डिमांड कर रहे हैं। सबसे बड़ा फैक्टर है कि अब इमिटेशन ज्वैलरी के कॉन्सेप्‍ट्स भी फाइन ज्वैलरी में नजर आएंगे। यंग कंज्यूमर्स ऐसे डिजाइंस चाहते हैं जो उनकी एस्पिरेशंस और कंवीनियंस को पूरा करते हों। स्टैक्ड फिंगर रिंग्स, मल्टी फिंगर रिंग्स, मल्टी यूज या रिवर्सिबल पेंडेंट्स, डीटैचेबल इयररिंग्स कुछ ऐसे ही एग्जाम्पल हैं जिनकी डिमांड तेजी से ग्रो कर रही है।

गोल्ड और डायमंड्स में किसका मार्केट ज्यादा स्ट्रॉन्ग होगा?

गोल्ड एक एवरग्रीन मेटल है और ज्वैलरी का बेस है, इसलिए इसकी डिमांड तो ग्रो करेगी ही। हालांकि, अब 22 कैरेक्ट के अलावा 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक कि 9 कैरेट की गोल्ड ज्वैलरी का भी ट्रेंड बढ़ेगा। लेकिन अगर डायमंड और बाकी प्रेशियस स्टोंस की बात होगी तो डेफिनेटली आने वाले वक्त में ये फैशन में होंगे और इनकी डिमांड तेजी से ग्रो करेगी। इंडियन गवर्नमेंट भी डायमंड इंडस्ट्री को प्रमोट करने में कई कदम उठा रही है क्योंकि इंडिया डायमंड और जेमस्टोन का एक बड़ा एक्सपोर्टर है।

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ऑनलाइन ज्वैलरी परचेजिंग को लेकर लोगों का बिहेवियर कैसा रहेगा?

ऑनलाइन ज्वैलरी की खरीद पर एक एवरेज इंडियन कस्टमर का बिहेवियर डाउटफुल रहता है। अगर लोगों को कुछ खरीदना है तो वो कहीं से भी उसे खरीद देंगे, इसके लिए मीडियम उतना मायने नहीं रखेगा। लेकिन जब बात सोने और हीरे की होती है तो लोग उसे पहले देखना चाहते हैं, अच्छे से परख लेना चाहते हैं और तभी खरीदते हैं। यही वजह है कि हमने भी अपने कंज्यूमर्स के लिए ट्राय एट होम की फेसिलिटी शुरू की है। और सिर्फ इतना ही नहीं, कस्टमर्स के घर सिर्फ ज्वैलरी ही नहीं पहुंचेगी बल्कि हमारे एक्सपीरियंस्ड ज्वैलरी कंसल्टेंट्स भी पहुंचेंगे जिनके पास डिजाइंस को लेकर इन-डेप्‍थ नॉलेज होगी और वो कस्टमर्स को अच्छे से असिस्ट कर पाएंगे।

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गौरव सिंह कुशवाहा, फाउंडर, सीईओ, ब्लूस्टोन, ऑनलाइन ज्वैलरी कंपनी

आईआईटी, दिल्ली से कंप्‍यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने वाले गौरव सिंह कुशवाहा के पास टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स और इंटरनेट मार्केटिंग की फील्ड में 10 सालों से भी ज्यादा का एक्सपीरियंस है।

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