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pankaj.awasthi@inext.co.in - LUCKNOW (13 Dec): आतंकी ऑपरेशन या जांच के लिये अब एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के सब इंस्पेक्टर व कॉन्सटेबल्स भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। अब तक उन्हें सरकारी वाहन, बस या ट्रेन से ही सफर करने की परमीशन थी। गृह सचिव ने इसे लेकर शासनादेश जारी कर दिया है। हालांकि, इस अनुमति में कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं। आतंक के बढ़ते खतरे के बीच शासन के इस निर्णय से इस पर समय से नकेल कसने में मदद मिल सकेगी।

एडीजी ने भेजा था प्रस्ताव

एटीएस में फिलवक्त आतंकी ऑपरेशंस या जांच के लिये इंस्पेक्टर्स या उससे ऊपर के गजटेड अधिकारियों को ही दूसरे शहरों या प्रदेशों में जाने के लिये हवाई यात्रा की परमीशन थी। जबकि, सब इंस्पेक्टर्स व कॉन्सटेबल्स सिर्फ सरकारी वाहन, बस या ट्रेन से ही सफर करने के हकदार थे। इस वजह से तमाम ऑपरेशंस व जांच के लिये देशभर में अलग-अलग जगहों पर पहुंचने में सब इंस्पेक्टर्स व कॉन्सटेबल्स को काफी समय लगता था। जिसके चलते एटीएस का काम प्रभावित होता था। इन्हीं तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए एडीजी पीएचक्यू ने 8 जून 2017 को शासन को पत्र लिखकर सब इंस्पेक्टर्स व कॉन्सटेबल्स को हवाई यात्रा की मंजूरी देने की मांग की थी।

कुछ शर्तों के साथ मंजूरी

करीब छह महीने तक चले मंथन के बाद वित्त विभाग ने इस पर हरी झंडी दे दी। गृह सचिव भगवान स्वरूप द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि सब इंस्पेक्टर्स से लेकर कॉन्सटेबल्स को आतंकी ऑपरेशंस व जांच के लिये हवाई यात्रा करने की मंजूरी दी जाती है। लेकिन, इसके लिये इन सभी कर्मियों को आईजी एटीएस से पूर्व में परमीशन लेनी होगी। साथ ही इन सभी को यात्रा के लिये इकोनॉमी क्लास का ही किराया अनुमन्य होगा। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि फिजूलखर्ची को रोकने के लिये आईजी को यह तय करना होगा कि हवाई यात्रा पर सिर्फ जरूरी अधिकारियों व कर्मचारियों को ही भेजा जाए।

सिविल पुलिस व एसटीएफ को करना होगा इंतजार

एटीएस के सब इंस्पेक्टर्स से लेकर कॉन्सटेबल्स तक को ऑपरेशन या जांच के लिये हवाई यात्रा की अनुमति मिल गई लेकिन, एसटीएफ व सिविल पुलिस के दारोगा व कॉन्सटेबल्स को हवाई यात्रा की मंजूरी के लिये अभी इंतजार करना होगा। दरअसल, सब इंस्पेक्टर्स, हेड कॉन्सटेबल्स व कॉन्सटेबल्स की दलील है कि किसी दूसरे शहर या राज्य में अपराधी के मौजूद होने की सूचना मिलने पर तुरंत वहां पहुंचने की जरूरत होती है। लेकिन, सरकारी वाहन या ट्रेन से जब तक टीम वहां पहुंचती है, कई बार अपराधी वहां से रफूचक्कर हो चुका होता है और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ता है। हालांकि, सिविल पुलिस व एसटीएफ को हवाई यात्रा की मंजूरी पर शासन की ओर से विचार नहीं किया गया है।

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