अब मैसेज बताएगा, कितनी लेट है आपकी ट्रेन

By: Inextlive | Publish Date: Tue 07-Nov-2017 04:26:29   |  Modified Date: Tue 07-Nov-2017 04:28:44
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अब मैसेज बताएगा, कितनी लेट है आपकी ट्रेन
- कोहरे के कारण घंटों लेट चलने वाली ट्रेनों के पैसेंजर्स को मिलेगी राहत - योजना के प्रथम दौर में राजधानी व शताब्दी के पैसेंजर्स के लिए व्यवस्था - पैसेंजर के मोबाइल पर मैसेज भेज रेलवे देगा ट्रेन लेट होने की जानकारी

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट एक्सक्लूसिव

kanpur@inext.co.in

kanpur. वीआईपी ट्रेनों में सफर करने वाले पैसेंजर्स के लिए अच्छी खबर है. क्योंकि अब ट्रेन लेट होने पर स्टेशन पर खड़े होकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. ट्रेन के तीन घंटे से ज्यादा लेट होने पर रेलवे पैसेंजर्स को मैसेज कर खुद जानकारी देगा. ऐसे में आने वाले दिनों में कोहरे से पैसेंजर्स को होने वाली परेशानियां कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है.

 

राजधानी, शताब्दी समेत 46 ट्रेनों में

आईआरसीटीसी के संदीप दत्ता ने बताया कि पैसेंजर्स की सुविधा को देखते हुए यह सेवा फिलहाल राजधानी, शताब्दी समेत 46 ट्रेनों में शुरू कर दी है. चिन्हित की कई वीआईपी ट्रेनों के पैसेंजर्स को रेलवे मैसेज के माध्यम से ट्रेन की लेटलतीफी की जानकारी देगा. जिससे उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े.

 

कैसे मिलेगी यह सेवा

इस सेवा का लाभ उठाने के लिए पैसेंजर को रिजर्वेशन फार्म पर अपना मोबाइल नंबर लिखना होगा. साथ ही ऑनलाइन रिजर्वेशन करते वक्त भी अपना मोबाइल नंबर अंकित करना होगा. रेलवे की तरफ से इसी नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा. अभी तक रेलवे की तरफ से वेटिंग टिकट वाले पैसेंजर्स को उनकी टिकट कंफर्म होने पर मैसेज के माध्यम से बर्थ और कोच की जानकारी दी जाती थी.

 

ठंड के मौसम में परेशान होते यात्री

ठंड के मौसम में कोहरे के कारण ट्रेनों की चाल प्रभावित हो जाती है. ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 10 घंटे से 24 घंटे तक लेट चलती है. फिर चाहे वा राजधानी ट्रेन हो या फिर शताब्दी. पैसेंजर्स को स्टेशन पर ही कड़ाके की ठंड में परेशान होना पड़ता है. इस सुविधा से पैसेंजर्स को राहत मिलेगी. वहीं रेलवे अधिकारियों के मुताबिक दूसरे चरण में यह सेवा सुपरफास्ट ट्रेनों के पैसेंजर्स को भी मुहैया हो सकेगी.

 

'ठंड में कोहरे से प्रभावित ट्रेनें घंटों लेट चलती हैं. इससे लाखों पैसेंजर्स को काफी परेशानी होती है. उनकी सुविधा को देखते हुए यह सेवा शुरू की गई है.'

- गौरव कृष्ण बंसल, सीपीआरओ, एनसीआर