अब अवैध रैंप की बारी

By: Inextlive | Publish Date: Wed 13-Sep-2017 07:40:13
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- 73 से अधिक कॉमर्शियल व रेजिडेंशियल भवनों के रैंप हुए चिंहित

- नगर निगम को जारी किया ध्वस्तीकरण कार्रवाई का पत्र

मेरठ। अवैध भवनों के खिलाफ सीलिंग और नोटिस चस्पा अभियान के साथ साथ आवास विकास ने अब ग्रीन बेल्ट और सड़क पर अवैध रैंप बनाकर कब्जा करने वाले भवन स्वामियों को पर भी शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। इस अभियान के तहत अपने भवन के आगे अवैध तरीके से रैंप बनाने वाले भूस्वामियों की सूची बनाकर आवास विकास ने प्रक्रिया शुरु कर दी है।

फुटपाथ ही गायब

दरअसल रैंप की आड़ में भवन स्वामी अपने भवन की सीमा से बाहर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लेते हैं। इस अभियान में ऐसे दर्जनों भवनों के रैंप चिन्हित किए गए हैं जिनका रैंप ग्रीन बेल्ट, फुटपॉथ और सड़क पर है। इससे सड़क पर पैदल चलने वाले या दुपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।

73 से अधिक अवैध रैंप चिंहित

अभियान के तहत जिन भवनों के बाहर सड़क तक टाइल्स या मार्बल लगाकर फर्श बिछाया गया है उनको चिहिंत किया जा रहा है। इस क्रम में मुख्य सड़कों पर बन आवासीय या व्यवसायिक भवनों के रैंप को चिन्हित किया जा रहा है।

ध्वस्तीकरण की मांग

इन अवैध निर्माण को हटाने के लिए आवास विकास ने नगर निगम को पत्र लिखकर ध्वस्तीकरण की मांग की है। दरअसल यह रैंप नगर निगम की ग्रीन बेल्ट और सर्विस लेन के दायरे में आते हैं ऐसे में इनको तोडने का अधिकारी भी नगर निगम को है।

वर्जन-

हाल ही में आवास विकास कार्यालय के ठीक सामने एक क्लीनिक के रैंप की शिकायत पर आवास विकास ने नगर निगम को ध्वस्तीकरण के लिए पत्र लिखा है। ऐसे सैकड़ों अन्य भवन हैं जिनके रैंप के नाम पर ग्रीन बेल्ट और पब्लिक रोड पर कब्जा जमाया हुआ है। सभी को ध्वस्त किया जाएगा.

- एसपी एन सिंह, अधीक्षण अभियंता आवास विकास

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