पेंटिंग्स में झलकी पहली क्रांति की गाथा

By: Inextlive | Publish Date: Mon 17-Jul-2017 07:41:09
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पेंटिंग्स में झलकी पहली क्रांति की गाथा

- नीलक्षी राय के नृत्य ने मोहा मन

- परिचर्चा और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन

LUCKNOW :

चित्र के जरिये जब दर्शकों ने 1857 की क्रांति को देखा तो वह भाव विभोर हो गये। राज्य ललित कला अकादमी और 1857 राष्ट्रवादी मंच की ओर से ललित कला परिसर में संडे को प्रदर्शनी परिचर्चा और शास्त्री नृत्य का आयोजन किया। 'ई है हमार कन्हैया' शीर्षक से हुए आयोजन में कथक नृत्यांगना नीलाक्षी राय ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।

1857 का गदर का नजारा

हेरिटेज ऑफ लखनवी, अवधी सेक्युलर कल्चर, 1857 नेशलिस्ट फोरम की ओर 1857 की क्रांति के 160 साल के मौका पर प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस मौके पर ललित कला परिसर में 1857 क्रांति पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें कलाकार शुभ्रा नाग, सुधीर शुक्ल, राजीव तिवारी, कीर्ति वर्मा और दलसिंगार सिंह ने ऑयल और एक्रेलिक से बनी पेंटिंग को प्रदर्शित किया, जिसमें मंगल पांडे, 1857 का गदर, रानीलक्ष्मीबाई, और संग्राम में भारतीय कैदियों की स्थितियों पर चित्र प्रदर्शित किए गए। इस दौरान ललित कला अकादमी के सचिव डॉ। यशवंत सिंह राठौर, वरिष्ठ रंगकर्मी सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, शाहबख्श, दीपक कबीर, नितिन कोहली आदि लोग मौजूद रहे।

परिचर्चा में वक्ताओं ने रखे विचार

प्रोग्राम में शहर के बुद्धिजीवियों ने परिचर्चा में अपने विचार रखें। इतिहासकार डॉ। अमरेश मिश्र ने बताया कि जब नवाब वाजिद अली शाह के बेटे बिरजिस कद्र की ताजपोशी इसी इमारत में हुई थी तो लोगों ने एक सुर में सरकार से 1.75 करोड़ रुपये के बजट मांगा गया है.

सरकार से 1.75 करोड़ रुपये के बजट मांगा गया है.

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