- सुशील मोदी ने लालू प्रसाद की राजनीति पर खड़ा किया सवाल

- सुमो ने कहा जदयू-राजद के बीच शह-मात का चल रहा है खेल

PATNA : एक्स डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने लालू यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लालू राजनीति और लठैती का फर्क मिटा चुके हैं. उन्हें लग रहा है कि 80 विधायकों की लाठी के बल पर नीतीश कुमार को झुका देंगे. जेडीयू को भी लग रहा है कि सरकार गिरने के डर से लालू झुक जाएंगे. वैसे सरकार गिरने से दोनों पक्ष डरे हुए हैं इसलिए उनके बीच शह-मात का खेल चल रहा है.

गतिरोध का खामियाजा जनता को

सुमो का कहना है कि गठबंधन के दोनों दलों के बीच जारी गतिरोध का खामियाजा पूरा बिहार भुगत रहा है. शासन-प्रशासन के सारे काम ठप हैं. भाजपा तेजस्वी यादव के भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश कुमार के लिए गए स्टैंड के साथ हैं. नीतीश कुमार ने भी इसके पहले कई मुद्दों पर बीजेपी और सेंट्रल गवर्नमेंट का समर्थन किया है. जदयू-राजद के बीच जल्द आर-पार का फैसला होना चाहिए, ताकि बिहार में चल रहा गतिरोध खत्म हो सके.

लंबी राजनीति के लिए देना होगा इस्तीफा

सुमो ने कहा कि तेजस्वी यादव को अगर लम्बी राजनीति करनी है तो आरोपमुक्तहोने तक स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए. अपने पिता (लालू प्रसाद) के साए से बाहर निकल कर ऐलान करना चाहिए कि जब वे नासमझ थे तब पिता के कहने पर कई कंपनियों के कागजात पर दस्तख्त कर दिए तथा उनके नाम से जो भी जमीन-मकान गिफ्ट कराए गए हैं उन्हें वापस कर देंगे. सुमो का आरोप है कि तेजस्वी को पिता ने ही भ्रष्टाचार के दलदल में फंसाया है. ऐसे में तेजस्वी को लालू प्रसाद नहीं बल्कि शरद यादव का अनुसरण करना चाहिए जिन्होंने हवाला कांड में नाम आने के तत्काल बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.