अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें close
शहर चुनें close
LIVE Score
VS
Delhi Bangalore
  • Delhi 174/5 in 20 Ovrs

  • Bangalore 97/3 in 12 Ovrs (RR 7.86)

  • AB de Villiers 43 (22)

  • Corey Anderson 2 (3)

Kolkata Chennai

Chennai won by 5 wickets

Colour play on Holi feast in allahabad

Wed 15-Mar-2017 12:01:01
1/17

शहर में इन जनाब को साथियों ने रंग लगाया तो लेट गए सड़क पर और बोलने लगे, ओए यारों मैं लेटा हूं तुम रंग डालो.

2/17

एक दूसरे को रंग लगाती युवतियां.

3/17

दोस्त के चेहरे पर रंग लगाता युवक.

4/17

बगैर रंग लगाए जाने न दूंगा.

5/17

बाल्टी से महिला के ऊपर डाला गया रंग का झोल.

6/17

पकड़ कर जबरदस्ती भी लगाया गया रंग.

7/17

एक ने लगाया मोदी का मुखौटा तो सब उन्हें मोदी समझ के खेले होली.

8/17

सिर से लेकर चेहरे तक पर एक दूसरे को अबीर लगाते युवा.

9/17

लोकनाथ चौराहे की चर्चित होली खेलने पहुंचे हर उम्र के लोग.

10/17

लोकनाथ चौराहे पर भाजपा का झंडा लहरा करके खेली गई होली.

11/17

इलाहाबाद में होली खेलते विदेशी.

12/17

डीजे पर बज रहे फिल्मी गीत के गुधन पर नाचते युवाक.

13/17

युवती के चेहरे में कलर लगाती उसकी दोस्त.

14/17

इस तरह भी एक दूसरे को लगाया गया रंग.

15/17

होली पर रंग खेल कर भाजपा की जीत का जश्न मनाते युवा.

16/17

बच्चों ने भी खूब खेली होली.

17/17

साधन नहीं चले तो स्कूटर से ही परिवार के साथ होली खेलने निकल पड़े एक जनाब.

About The Gallery

रात को करीब 11 बज रहे थे, चौराहों पर युवाओं की टोली ग्रुप में इकट्ठा थी. विधिविधान से युवाओं ने होलिका में आग लगाई. आग की लपट उठते ही वह खुशी से उछल पड़े. 'होली है, 'जय कन्हैया लाल की जैसे भक्ति भाव से भरे जयकारे वह लगाने. यह नजारा था रविवार की देर रात का. इसके बाद सोमवार की भोर से ही होलिका स्थल पर फिर युवा इकट्ठा होने लगे. सुबह आठ बजते-बजते शहर में होली का नशा लोगों के सिर चढ़ कर बोलने लगा. एक दूसरे को युवा लपक, पकड़ पकड़ बोलते हुए होली के रंग में सराबोर हो गए. सुबह दस बजते-बजते गली से लेकर कूचे तक, सड़क से लेकर घरों तक रंगों की बारिश शुरू हो गई. खेली गई होली के रंग से जगह-जगह धरती लाल पीली, नीली नजर आने लगी. ऐसा लगने लगा मानों धरती मां ने भी खुल कर होली खेली हो. दूसरे दिन मंगलवार को भी शहर में जम कर होली खेली गई. इस दिन तो शहर के अधिकांश चौराहों पर कपड़ा फाड़ होली देखते ही बन रही थी. जातीयता के रंग से ऊपर उठ कर हर वर्ग के लोग एक ही रंग में रंगे हुए नजर आए. वह रंग था सिर्फ होली का.