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VS
Delhi Bangalore
  • Delhi 174/5 in 20 Ovrs

  • Bangalore 97/3 in 12 Ovrs (RR 7.86)

  • AB de Villiers 43 (22)

  • Corey Anderson 2 (3)

Kolkata Chennai

Chennai won by 5 wickets

इतिहास ने खुद को दोहराया, प्रयाग में भगवा छाया

Sun 12-Mar-2017 12:54:05
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जीत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच मेयर अभिलाषा गुप्ता के साथ विजय का जश्न मनाते भाजपा प्रत्याशी नन्द गोपाल नन्दी।

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जीत मिलने के बाद कार्यकताओं का अभिवादन करते भाजपा विधायक हर्षवर्धन।

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विजय का प्रमाण पत्र लेते भाजपा विधायक सिधार्थनाथ सिंह।

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प्रमाण पत्र के साथ फूलपुर के भाजपा विधायक प्रवीन कुमार सिंह पटेल।

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कर्ककर्ताओं को विनर होने की जानकारी देते प्रतापपुर बसपा विधायक मो. मुजतबा सिद्दीकी।

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जीत के बाद भाजपा की मेजा विधायक बनी नीलम करवरिया कार्यकर्ताओं का अभिवादन करते हुए.

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जीत मिलते ही सोरांव विधायक को मालाओं से लाद दिए कार्यकर्ता.

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जीत के बाद कार्यकर्ताओं के साथ उज्ज्वलरमण सिंह.

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जीत का प्रमाण पत्र दिखाते भाजपा विधायक राजमनी कोल.

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जीत के बाद मुस्कराते विधायक.

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डीएम द्वारा जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त करते हुए प्रत्याशी.

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पार्टी की जीत के बाद खुशी मनाते भाजपाई.

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मतगणना स्थल मुंडेरा मंडी में सुरक्षा व्यवस्था संभालते आरपीएफ के जवान.

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मोदी के पोस्टर पर मिठाई चढ़ा कर खुशी का इजहार करती भाजपा की महिला पदाधिकारी.

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भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत के बाद रंग गुलाल उड़ा कर होली खेलते कार्यकर्ता.

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जीत का जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता.

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मुंडेरा मंडी में मतगणना के दौरान सुरक्षा में लगे जवान.

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भाजपा को जीत मिलते ही गदा लेकर कार्यकर्ताओं के साथ विपक्षियों को ललकारते बजरंबली.

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मुंडेरा मंडी में जीत का खुशी मनाते भाजपा व अपना दल के कार्यकर्ता.

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बम्पर जीत के बाद का मुखौटा लगा कर हर कोई बन गया मोदी.

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पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगा कर जीत का जश्न मनाते भाजपाई.

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भाजपा की जीत का जश्न मनाती महिलाएं.

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मुंडेरा मंडी में मतगणना टेबल पर ईवीएम लेकर जाते कर्मचारी.

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मतगणना स्थल पर सुरक्षा में लगे जवानों को लंच पैकेट बांटते साथी जवान.

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मुंडेरा मंडी में मतगणना टेबल पर ले जाने के लिए ईवीएम उठाते कर्मचारी.

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ईवीएम से मतों की गणना करते कर्मचारी.

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मुंडेरा मंडी गेट पर मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का घोड़े से जायजा लेते सुरक्षा कर्मी.

About The Gallery

ऐसा शायद ही पहले कभी हुआ हो. 2012 में विधायक बनकर विधानसभा में पहुंचा किसी भी दल का कोई भी प्रत्याशी इस बार विधानसभा में दिखाई नहीं देगा. इलाहाबाद की जनता ने सभी को बाहर कर दिया है. जनता ने इस बार के चुनाव में भाजपा के प्रति वही जनादेश दिया है जो 2012 के चुनाव में सपा को दिया था. जिले की 12 में से नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है. बसपा दो सीटों पर सिमट गई और सपा को इज्जत बचाने के लिए सिर्फ एक सीट मिली. शनिवार को आए चुनाव परिणाम की एक और खास बात यह रही कि शुरुआती रुझान में जो सीन बना वह जिले की सिर्फ चार सीटों पर बीच में चेंज हुआ. बाकी सभी सीटों पर वह जीते जिन्होंने शुरुआत में बढ़त बना ली थी. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खाते में एक सीट थी. अनुग्रह नारायण सिंह के सहारे पिछले दो चुनावों से कांग्रेस एक सीट पाती रही. इस बार जनता ने अनुग्रह नारायण को भी नकार दिया तो कांग्रेस का अपने चुनाव निशान पर खाता भी नहीं खुला. बारह विधानसभाओं में आठ भाजपा को मिली तो गठबंधन वाले अपना दल ने एक सीट पर बाजी मारी. विरोधी पार्टियों में बसपा को दो और सपा को महज एक सीट से संतोष करना पड़ा. 23 फरवरी को वोटिंग के बाद परिणाम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन शनिवार को आए परिणाम ने सभी समीकरण उलट कर रख दिए. जिले की बारह विधानसभा सीटों में आठ भाजपा के खाते में गईं. भाजपा प्रत्याशियों ने फाफामऊ, फूलपुर, मेजा, बारा, कोरांव समेत शहर की तीनों उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी सीटों पर जीत हासिल की. सोरांव सीट अपना दल के खाते में गई. करछना से सपा और हंडिया व प्रतापपुर से बसपा के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. चुनाव परिणाम ने सपा और कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है. बसपा को पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा.