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Movie review कोयलांचल 2/5 star

कोयलांचल की कहानी आप से क्‍या कहती है तो इसका जवाब है कि कई बार जंग जीतने और सत्‍ता काम करने के लिए गोलियों से ज्‍यादा रिश्‍तों और जज्‍बात की भाषा काम आती है.

Thu 08-May-2014 04:40:53
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सूर्यभान के लिए चीजें तब मुश्‍किल हो जाती हैं जब ऑनेस्‍ट और स्‍ट्रिक्‍ट निशीथ कुमार (सुनील शेट्टी) उसके इलाके में डिस्‍ट्रिक्‍ट कलेक्‍टर बन कर आता है. निशीथ वो सवाल पूछता है जिनके जवाब सुर्य भान से आज तक किसी ने मांगने की हिम्‍मत नहीं की. सूर्य भान के कुचले हुए लेबर रिवोल्‍टस और नक्‍सलियों को सर्पोट करने के सारे राज उजागर होने लगते हैं. अब उसके पास कोई चारा नहीं बचता सिवाय इसके कि वो निशीथ के खिलाफ अपना सबसे खतरनाक हथियार इस्‍तेमाल करे. सूर्य भान, करुआ (विपन्‍नो) नाम के एक विद्रोही नेता को उलझा कर निशीथ के खिलाफ करता है और उसे निशीथ के सामने कर देता है. लेकिन चीजें तब गड़बड़ हो जाती हैं जब डराने की इस कोशिश में करुआ के हाथों निशीथ की वाइफ का मर्डर हो जाता है. निशीथ को बड़ी देर में समझ पाता है कि वो और करुआ दोनों ही यूज किए गए हैं वो करुआ का साथ देने का डिसीजन लेता है.
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हार निशीथ मान नहीं सकता और कानून उसके हाथ बांध रहा है. दूसरी तरफ सूर्य भान समझ रहा है कि उसने शेर को उसकी मांद से बाहर आने के लिए मजबूर कर दिया है. इस सबके बीच जाने कितने इमोशन और रिलेशन ऊपर नीचे हो रहे हैं. पर कोयला है तो या तो दहकेगा या हाथ काले कर देगा. और यही इस फिल्‍म का सच है.
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कोयलांचल एक ऐसी फिल्‍म है जो एट्टीज के एंग्री यंगमैन की याद दिलाती है. कोयलांचल आपको नया कुछ नहीं दिखाती पर कई सवाल जरूर पूछती है जैसे इस फिल्‍म से आप क्‍या एक्‍सपेक्‍ट कर रहे थे और क्‍यों कर रहे थे. एक सवाल और है कि इस फिल्‍म में डायरेक्‍टर क्‍या और किसे डायरेक्‍ट किया बहरहाल अब इस वीकएंड आपके पास ज्‍यादा आप्‍शन भी नहीं हैं तो हम क्‍या कहें आप खुद ही समझदार हैं.
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Director: Ashu Trikha Producer: Ashu Trikha Cast: Vinod Khanna, Suniel Shetty, Rupali, Purva Parag, Brij Gopal, Kannan Arunachalam, Deepraj Rana, Ravi Singh, Vipinno Rating: 2/5 star कोयलांचल की कहानी को सूर्य भान सिंह (विनोद खन्‍ना) के जरिए ही समझा जा सकता है. सूर्य भान जो कभी कोयले की खदानों का मालिक था और अब कोल माफिया बन चुका है. जिसके लिए उसका हर हुक्‍म कानून है और उसे ना मानने वाला उसके जुल्‍म का शिकार बनता है. उसका ये तरीका वहां की आम जनता की नजरों में उसे मालिक बना चुका है. सुर्य के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को जुल्‍म की इंतहा के साथ कुचल दिया जाता है.