- प्राइमरी स्कूलों को गोद लेंगे पुलिस अधिकारी

- गोरखपुर जिले से शुक्रवार को हुई शुरुआत

- जीतपुर के जूनियर हाईस्कूल में टीचर बने आईजी

GORAKHPUR: सिटी में सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए पुलिस ने कदम बढ़ाया है. पुलिस विभाग के गैजेटेड ऑफिसर्स एक-एक स्कूल को गोद लेंगे. शुक्रवार को आईजी मोहित अग्रवाल ने इसकी शुरूआत की. बेलीपार एरिया के जीतपुर जूनियर हाईस्कूल में आईजी की पाठशाला लगी. स्कूल में पुलिस देखकर कुछ पल के लिए बच्चे और टीचर चौंके जरूर, लेकिन थोड़ी ही देर में पुलिस के प्रति उनकी धारणा बदल गई. सवालों के सही जवाब देने वाले बच्चों को गिफ्ट देकर आईजी ने पुरस्कृत किया. उनको पढ़-लिखकर आगे बढ़ने में संभव सहयोग आश्वासन भी दिया.

प्रवास के दौरान सीएम ने जताई थी इच्छा

पूर्व में गोरखपुर प्रवास के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों की दशा सुधारने पर जोर दिया था. उन्होंने इच्छा जताई थी कि हर अफसर अगर एक-एक स्कूल को गोद ले लें तो सूरत बदल जाएगी. विद्यालय का माहौल सुधारने के साथ ही बेसिक कमियों को दूर किया जा सकेगा. हर हफ्ते पुलिस अधिकारियों के पहुंचने से बच्चों को प्रोत्साहन मिलेगा. प्राइमरी स्कूलों के छात्रों को कॉन्वेंट के बराबर खड़ा करने में मदद मिलेगी. इससे सरकारी योजनाएं भी सार्थक रूप से सामने आ सकेंगी. सीएम की इच्छा को देखते हुए गोरखपुर जोन से इसकी शुरुआत की गई है. आईजी मोहित अग्रवाल ने स्कूलों के गोद लेने की अनूठी पहल की. शुक्रवार को स्कूल पहुंचकर उन्होंने पाठशाला चलाई.

जवाब देने वालों को किया पुरस्कृत

पिपरौली ब्लाक स्थित जीतपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सुबह 11 बजे आईजी पहुंचे. स्कूल में पहुंचकर उन्होंने सभी बच्चों के बीच मिठाई बंटवाई. फिर उन्होंने अपना परिचय देते हुए बचपन के दिनों की कई प्रेरक कहानियां सुनाई. बच्चों के रोजाना की क्लास में पढ़ाई जाने वाली चीजों की जानकारी ली. टीचर बनकर उन्होंने बच्चों को गुणा-भाग, जोड़-घटाना भी बताया. हर कक्षा में उन्होंने 10 मिनट में 10 सवाल सॉल्व करने को कहा. आईजी के सवालों का जवाब देते हुए आठवीं क्लास के संजीत ने 10 में नौ अंक प्राप्त किए. छात्रा को नंदिनी को आठ अंक और रामानंद को सात अंक प्राप्त हुए. ज्यादा अंक पाने वाले हर बच्चे को आईजी ने गिफ्ट दिया.

स्कूल खुलने पर चेक होगा होमवर्क

इस दौरान आईजी ने छात्रों से पूछा कि आखिर वह बड़ा होकर क्या बनना चाहते हैं. सब बच्चों ने अलग-अलग बातें बताई. बच्चों का प्रोत्साहन बढ़ाते हुए आईजी ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत पड़ती है. तमाम बच्चे निराश होकर पिछड़ जाते हैं. बच्चों से होमवर्क की जानकारी ली. यह भी कहा कि स्कूल खुलने पर सबका होमवर्क चेक किया जाएगा. इसलिए हर कोई ठीक से अपना होमवर्क करके आएगा. विद्यालय की कमियों को दूर कराने का आश्वासन देते हुए आईजी ने अपनी ओर से फर्नीचर का इंतजाम करने को कहा.

यह है पुलिस की योजना

- प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए पहल की गई है.

- जोन के हर पुलिस अधिकारी एक-एक प्राइमरी स्कूलों को गोद लेंगे.

- सप्ताह में एक दिन क्षेत्र भ्रमण के दौरान पुलिस अधिकारी स्कूलों में जाएंगे.

- पुलिस अधिकारी अपने स्कूल में हफ्ते में कम से कम एक दिन पढ़ाएंगे.

- विद्यालय की समस्याओं को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे.

- स्कूलों में टीचर, पैरेंट्स और बच्चों का सम्मेलन कराया जाएगा.

- सब्जेक्ट्स में एक्सपर्ट पुलिस कर्मचारी भी पढ़ाने जा सकेंगे.

- आईजी आफिस के स्टाफ आफिसर, एसआई भी हफ्ते में एक दिन क्लास लेंगे.

बच्चों में पढ़ने की रुचि है. बच्चों ने काफी इंप्रेस किया है. पुलिस को लेकर समाज में कई धारणाएं होती हैं. बचपन से ही बच्चों को बताया कि शैतानी करोगे तो पुलिस को बुला लेंगे. हममें से ज्यादातर अफसर इन्हीं स्कूलों से पढ़कर आए हैं. सोसायटी में इसका एक पॉजिटिव मैसेज जाएगा.

मोहित अग्रवाल, आईजी जोन गोरखपुर