एसएसपी बोले, उपेंद्र मर्डर केस में अखिलेश को जल्द रिमांड पर लेगी पुलिस

By: Inextlive | Publish Date: Mon 13-Nov-2017 07:00:23
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JAMSHEDPUR: ईस्ट सिंहभूम के एसएसपी अनूप टी। मैथ्यू ने कहा है कि पुलिस जल्द ही गैंगस्टर अखिलेश सिंह को ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह हत्याकांड में रिमांड पर लेगी। सीतारामडेरा पुलिस उसे रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को अदालत में प्रोडक्शन आवेदन दाखिल करेगी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम अखिलेश प्रकरण में एहतियात के तौर पर एक- एक कदम फूंक- फूंक कर रख रही है, ताकि एक माह के अंदर गैंगस्टर अखिलेश सिंह की सभी अवैध संपत्ति का ब्यौरा रिपोर्ट बनाकर ईडी को भेज सके। इससे ईडी गैंगस्टर के अवैध व बेनामी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई तत्काल कर सकेगी। एसएसपी ने बताया कि अखिलेश सिंह की मदद करने वाले व्यापारियों व उनके गुर्गो को पुलिस एक- एक कर सलाखों के पीछे भेज रही है। एक दिन ऐसा होगा जब कोई भी व्यक्ति अखिलेश के लिए काम करने के लिए सोचेगा तक नहीं।

भ्ख् मामले हैं दर्ज

गैंगस्टर अखिलेश सिंह पर वैसे तो भ्ख् आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन इनमें से एक दर्जन से अधिक मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। इस वजह से वह जेल से बाहर भी आ गया था, जमशेदपुर कोर्ट परिसर में झामुमो नेता सह ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह की हत्या व उसके साथी अमित राय की हत्या अखिलेश गैंग को भारी पड़ गया। इन हत्याओं में अखिलेश का नाम आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मुहिम छेड़ दी। हाईकोर्ट ने भी अखिलेश के सभी बेल को निरस्त कर दिया और वारंट निकाल दिया। पुलिस ने उपेंद्र सिंह व अमित राय हत्या कांड में अखिलेश सिंह को फरार घोषित कर दिया। अंतत: उसे गुरुग्राम में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया और फिलहाल घाघीडीह जेल में है। जहां उसकी पत्नी गरिमा सिंह भी है।

रंगदारी में विनोद का भी रहता था हिस्सा

गैंगस्टर अखिलेश सिंह को मिलने वाली रंगदारी में होटल सिटी इन के मालिक विनोद सिंह को भी हिस्सेदारी मिलती थी। यह बयान खुद विनोद सिंह ने पुलिस के समक्ष दिया है। विनोद सिंह ने पुलिस को बताया कि बिरसानगर स्थित सृष्टि गार्डेन में चार फ्लैट दिए थे जिसमें से तीन फ्लैट में अखिलेश सिंह व उसके अपराधी सहयोगी रहते थे। फ्लैट नंबर भ्0फ् का उसने अखिलेश सिंह के नाम पर एग्रीमेंट किया था, हालांकि रजिस्ट्री नहीं की गई थी। बाकी सभी तीन फ्लैट अभी भी विनोद सिंह के ही भवन निर्माण कंपनी के अंडर हैं। विनोद सिंह ने बयान में कहा है कि उसने और संजय कुमार अग्रवाल उर्फ संजय पलसानिया ने अपने नाम पर तीन लाख रूपये में ऑडी कार बुक की थी। बाद में संजय कुमार अग्रवाल के नाम से ऑडी कार को खरीद कर अखिलेश सिंह को दिया गया। विनोद सिंह ने कहा है कि ऑडी कार को स्क्रैप व्यापारियों से ली गई रंगदारी की रकम से खरीदा गया था।

फ्ख् लाख की कार दी थी अखिलेश को

शनिवार को जेल भेजे गए गैंगस्टर के सहयोगी संजय अग्रवाल उर्फ संजय पलसानिया ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। संजय पलसानिया ने पुलिस को बताया कि अगस्त ख्0क्7 में अखिलेश सिंह का सहयोगी मिंटू सिंह उसके पास आया और उससे अखिलेश सिंह को एक फोर्ड इंडीवर कार खरीद कर देने को कहा। इसपर उसने फ्ख् लाख रुपये की इंडीवर कर खरीद कर अखिलेश सिंह को दे दी। कार की किश्त अब भी वह भर रहा है। इस कार को पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से जब्त किया था।

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