Movie Review Poster Boys : फटा पोस्टर निकला जीरो

By: Inextlive | Publish Date: Fri 08-Sep-2017 06:00:51
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Movie Review Poster Boys : फटा पोस्टर निकला जीरो
मर्दों की समस्या पर दो हफ्ते में ये दूसरी फिल्म है, जिस तरह से पिछले हफ्ते की रिलीज़ फिल्म शुभ मंगल सावधान ने आपको और हमको लुभाया या ये फिल्म भी आपका मनोरंजन कर पाएगी आइये आपको बताते हैं

कहानी
एक फौजी, एक टीचर और एक वसूली करने वाला गुंडा तब भौचक्के रह जाते हैं जब उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल नसबंदी के पोस्टर पर कर लिया जाता है और उनकी पर्सनल ज़िन्दगी में भूचाल आ जाता है, आगे क्या होता है जानने के लिए देखिये पोस्टर बॉयज

समीक्षा
मराठी फिल्म पोश्टर बॉयज की हिंदी रूपांतरण ये फिल्म एक एन्ग्रोसिंग कहानी पे बेस्ड है, इस फिल्म की कहानी उत्तर भारत में सेट है।  फिल्म का फर्स्ट हाफ तो काफी एंटरटेनिंग है, जोक्स भी ठीक ठाक है और कॉमिक टाइमिंग भी इन प्लेस है, पर जैसे ही फिल्म सेकंड हाफ में आती है अपनी पटरी से उतर जाती है, और ऐसे उतरती है की फिर इसे लाइन पे लाना इम्पॉसिबल हो जाता है। फिल्म की कॉमिक टाइमिंग की जैसे नसबंदी सी हो जाती है, फिर न तो आपको हंसी ही आती है और बेहद कानफाडू पर्श्व्संगीत के कारण आपको चैन की नींद। अंत इतना बुरा लिखा हुआ है की आप इरिटेट होकर हॉल से बाहर निकलते हैं। फिल्म के संवाद कम से कम दो दशक पुराने हैं, और आपको कई पुरानी फिल्मों की याद दिलायेंगे। श्रेयस तलपडे का निर्देशन बेहतर हो सकता है। संगीत बेहतर हो सकता है और साथ ही फिल्म की एडिटिंग में भी काफी झोल है।

 



अदाकारी
ये इस फिल्म की जान है, सभी किरदारों ने अपना अपना काम सालीखे से किया हुआ है, सनी देओल इस फिल्म की लाइफलाइन की तरह् काम करते हैं, बॉबी का काम भी बढ़िया भाई और फिल्म के निर्देशक का रोल भी साथ में अदा कर रहे श्रेयस की भी कॉमिक टाइमिंग शानदार हैं। बाकी की कास्ट ठीक ठाक है।

कुल मिलाकर ये फिल्म एक फुल ऑन मस्ती से भरी कॉमेडी हो सकती थी पर औसत दर्जे की लिखाई के चलते फिल्म एक रेगुलर हिंदी कोमेडी ही बन कर रह जाती है। पर फिर भी सनी अजुर श्रेयस के परफोर्मेंस के लिए देख सकते हैं पोस्टर बॉयज

रेटिंग : 2 स्‍टार

Review by : Yohaann Bhaargava

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