जिस तरह ये दोनों एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे, उससे साफ था कि उनमें काफी गहरी दोस्ती है और वो भी एक-दूसरे की भाषा न समझ पाने के बावजूद. दरअसल न तो पीके अंग्रेजी बोल पाते है और न ही केपी हिंदी समझ पाते हैं, लेकिन दोनों दोस्ती की भाषा बहुत अच्छी तरह समझते हैं.

    ‘वह मुझे समझता है’

जब पीके से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं उसे बधाई दे रहा था, क्योंकि उसने 200 रन बनाए थे जो उसके लिए काफी खास मौका था.’ पीके ने कहा, ‘हम दोनों ने आरसीबी के लिए खेलते हुए काफी समय साथ गुजारा है और मस्ती की है.’

बहुत याराना लगता है..

लैंग्वेज बैरियर के बारे में पीके ने कहा, ‘केविन मुझे बहुत अच्छी तरह समझता है और वह जानता है कि मैं उससे क्या कहना चाहता हूं.’ पीके की तरह केपी की भी यही राय है. उन्होंने कहा, ‘पीके मेरा बहुत अच्छा दोस्त है. मैंने करीब एक साल तक उसकी टीम को लीड किया है.’

केपी ने कहा, ‘वह मेरी कभी नहीं सुनता था, लेकिन वह एक बेहतरीन बॉलर है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर मुझसे पूछा जाए कि किस बॉलर को मैं 5 विकेट लेते हुए देखना चाहूंगा तो मेरे मुंह से पीके का ही नाम निकलेगा.’

केपी और पीके दोनों के ही लिए लॉड्र्स टेस्ट यादगार रहा. केपी ने इस मैदान पर डबल सेंचुरी जमाई, तो पीके ने पहली बार 5 विकेट झटके. यह वो करिश्मे हैं, जिन्हें अंजाम देने का सपना सचिन तेंदुलकर, शेन वार्न और मुरलीधरन जैसे दिग्गज अब तक देख रहे हैं.

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