पब्लिक के सहयोग से पकड़ेंगे अपराधी

By: Inextlive | Publish Date: Sun 17-Sep-2017 07:01:21
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पब्लिक के सहयोग से पकड़ेंगे अपराधी

बदलाव: अपराधियों की सूचना देने वालों के लिए बढ़ाई गई इनामों की धनराशि

अब तक एसएसपी के पास था सिर्फ पांच हजार रुपए का इनाम घोषित करने का अधिकार

अब एडीजी जोन ही घोषित कर सकेंगे किसी अपराधी पर एक लाख रुपए का इनाम

ALLAHABAD: अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पब्लिक भागीदारी बढ़ाने के लिए शासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। फरार चल रहे अपराधियों पर पुरस्कार की राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को गृह विभाग ने मंजूरी दे दी है। प्राइज लिमिट में पदवार दो से पांच गुना तक का इजाफा किया गया है। होम सेक्रेट्री मणि प्रसाद मिश्र की तरफ से जारी सूचना के अनुसार इस प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल चुकी है।

पब्लिक की मदद हासिल करना लक्ष्य

वर्तमान समय में पुलिस का नेटवर्क ज्यादातर सर्विलांस पर केन्द्रित है। पुलिस के इस हथियार के बारे में अपराधी जान चुके हैं और उन्होंने न सिर्फ अपराध का ट्रेंड चेंज कर दिया है बल्कि पुलिस को गच्चा देने का तरीका भी खोज लिया है। उदाहरण के तौर पर चौफटका के पास नगर निगम के कांट्रैक्टर का मर्डर हुआ और पुलिस को हत्यारे के बारे में सुराग देने वाला ग्राउंड लेवल का एक भी आदमी नहीं है। डॉ एके बंसल का मर्डर हुए नौ महीने बीत चुके हैं और अपराधी के बारे में कुछ पता नहीं है। ऐसे मामले पूरे प्रदेश में हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने पब्लिक को साथ लाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। पुरस्कार की राशि से पुलिस का नेटवर्क ग्राउंड लेवल पर मजबूत हुआ तो अपराध रोकने में मदद मिलेगी।

दो से पांच गुना तक इनाम बढ़ाने का अधिकार

पद पूर्व में अधिकार वर्तमान में अधिकार

प्रमुख सचिव, सचिव गृह 2,50,000 500000

पुलिस महानिदेशक, यूपी 50,000 2.50 लाख

अपर पुलिस महानिदेशक कुछ नहीं 100000

पुलिस महानिरीक्षक

व 15 हजार 50 हजार रुपए

पुलिस उपमहानिरीक्षक

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक 5 हजार 25 हजार रुपए

बड़े और शातिर अपराधियों को बिना आम पब्लिक के सहयोग से गिरफ्तार कर पाना संभव नहीं है। पुलिस हमेशा अपराधियों को जेल के सलाखों के पीछे के लिए कटिबद्ध है। पब्लिक का सहयोग बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है.

एसएन साबत

एडीजी जोन, इलाहाबाद

अपराधियों को गिरफ्तार कराने तथा दंडित कराने में सूचना देने वाले को पुरस्कृत किए जाने के प्रावधान काफी पुराने थे। पुरस्कार राशि पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए बेहद कम है। इसीलिए यह परिवर्तन किया गया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा.

मणि प्रसाद मिश्र

सचिव, गृह उत्तर प्रदेश सरकार

इनाम- 50 हजार

गदऊ पासी उर्फ विनोद कुमार पासी

पुत्र छोटे लाल निवासी मुंडेरा

कुल मुकदमे 23

इनाम- 15 हजार

अब्दुल अजीम उर्फ अशरफ, पूर्व विधायक

निवासी खुल्दाबाद

कुल मुकदमें- 19

बंटी उर्फ मेहरगनी उर्फ मेहरबान

पुत्र पीर बख्श निवासी हमीरपुर

मुकदमा- कोतवाली थाने में दर्ज

दर्जनो लोगों को करोड़ो का चूना लगाकर फरार

इनाम- 12 हजार

राज बहादुर पटेल

पुत्र सत्य नारायण पटेल निवासी कचरी थाना करछना

कचरी कांड में किसानों की अगुवाई इसी ने की थी

4। इनाम- 10 हजार

संजय पाठक

पुत्र लालता प्रसाद निवासी सरायमीर आजमगढ़

वांछित थाना जार्ज टाउन

पाच हजार

जुल्फिकार उर्फ तोता

निवासी- कसारी मसारी थाना धूमनगंज

अतीक गैंग का करीबी

अकरम

निवासी- कसारी मसारी थाना धूमनगंज

अतीक गैंग का करीबी

भईयन कोल उर्फ वैरागी

पुत्र प्यारे लाल निवासी वार्ड सात थाना शंकरगढ़

गोपाल सिंह

पुत्र राज बलि सिंह निवासी मानपुर थाना लालापुर

50 हजार- 1

15 हजार- 4

12 हजार- 1

10 हजार- 5

5 हजार- 14

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