क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : जोश था.. होश था.. साथ ही नगर की नई सरकार को चुनने के लिये जज्बा भी. फ‌र्स्ट वोटर बनने के लिये मतदाताओं में होड़ मची थी. हर मतदाता पहला वोट डालकर जिला प्रशासन से सम्मानित होने का लालायित था और सम्मान पाने के बाद सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर करता दिखाई दिया. फ‌र्स्ट वोटर का सर्टिफिकेट ले, स्याही लगी अंगुली दिखाते वोटरों ने दिखा दिया कि वो लोकसभा और विस चुनावों के अन्दाज में ही मतदान करना पसंद करते हैं. लाइक्स पर लाइक्स और पोस्ट का शेयर करने वाले शुभचिंतक भी बधाईयां दे रहे हैं आखिर पहला वोटर का तमगा जो भाई ने पहना है. बीते चुनावों के इतर इस बार के चुनाव में मतदाताओं में जोश ज्यादा था उसकी वजह थी कि एक मतदाता को तीन वोट डालने का मौका मिल रहा था.

सोशल मीडिया पर शेयर

फेसबुक, टवीटर, इंस्टाग्राम सहित कई साइट पर निकाय चुनावों को लेकर खुमारी सिर चढ़कर बोल रही थी. कोई वोट देकर खुश था तो कोई वोट दिलवा कर खुश था. कुछ लोगों को बूथ पता नहीं मिला तो सोशल मीडिया पर कोसने का काम किया तो किसी ने मेहनत कर अपना बूथ ढूंढा और लिखा कि - आखिर मिल ही गया मेरा बूथ. मतदाताओं की भीड़ में कुछ ऐसे भी थे जो अहले सुबह से ही अपने बूथों पर जाकर बैठ गये ताकि वो पहले वोटर बन सकें और जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र पा सकें. कुछ को प्रशस्ति पत्र मिला भी और कुछ को निराशा हाथ लगी क्योंकि वे फ‌र्स्ट वोटर बनने से चूक गये.

युवा से लेकर 85 साल के बुर्जुर्ग में दिखा वोटिंग का जज्बा

मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षद पद के लिये हुए बड़ी संख्या में मतदाता मतदान केन्द्रों पर गये. युवाओं का अपना जोश था लेकिन बुजुर्ग भी किसी से कम नहीं थे. वार्ड 42 के डीपीएस स्कूल के बूथ नंबर 9 पर मतदान करने आये 85 साल के रतन सिंह मुंडा का जोश देखने लायक था. कड़ी धूप में हाथों में छाता लिये और लाठी का सहारा लेकर पैदल ही चलकर उन्होंने मतदान किया. वहीं सरकार के आला अधिकारियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयाग किया. वार्ड संख्या 26 के सेंट फ्रांसिंस स्कूल में सुबह सात बजे ही राज्यपाल के प्रधान सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी अपनी पत्‍‌नी आईपीएस अधिकारी सुमन गुप्ता के साथ मतदान करने पहुंचे.