- स्टेशन व ट्रेंस में अलग-अलग नहीं होगा जीएसटी

- वित्त मंत्रालय ने दोनों जगह पांच परसेंट टैक्स करने का लिया डिसीजन

-पैसेंजर्स की जेब अब नहीं होगी हल्की

varanasi@inext.co.in

VARANASI

इंडियन रेलवे में अब भोजन में खेल नहीं चल पाएगा. ट्रेंस, प्लेटफॉर्म और स्टेशन पर खाने-पीने के रेट में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) अब समान रूप से महज पांच परसेंट देना होगा. जबकि इसके पहले स्टेशन पर जीएसटी पांच तो ट्रेन में 18 परसेंट वसूला जा रहा था. जिससे अक्सर पैसेंजर्स व फूड आइटम बेचने वाले स्टाल्स ओनर्स से किचकिच होती थी. इसे देखते हुए वित्त मंत्रालय ने आदेश जारी कर रेलवे में सभी जगह एक टैक्स वसूलने का डिसीजन लिया है.

एक डिपार्टमेंट अलग-अलग रेट

रेलवे में जुलाई 2017 से ट्रेन में पैसेंजर्स से कैटेरिंग के नाम पर 18 परसेंट जीएसटी लिया जा रहा है, जबकि स्टेशन पर उन्हीं फूड आइटम पर पांच परसेंट जीएसटी था. रेलवे ने इसमें एकरुपता लाने के लिए वित्त मंत्रालय से सिफारिश की थी. आनन-फानन में वित्त मंत्रालय ने सफाई देकर खाने-पीने के रेट में समानता लाने के आदेश जारी कर दिए. कुछ ट्रेन के टिकट में ही 18 परसेंट जीएसटी वसूला जा रहा था. वित्त मंत्रालय के पांच परसेंट जीएसटी करने का आदेश जारी होने के बाद अब इन ट्रेंस का किराया भी घटेगा. वहीं अन्य ट्रेंस की पैंट्रीकार में भी पैसेंजर्स को 18 की जगह पांच परसेंट ही जीएसटी देना होगा.

रेलवे को मिल गया है लेटर

एक तरह का टैक्स वसूलने के लिए वित्त मंत्रालय की ओर से 31 मार्च को रेलवे बोर्ड को लेटर भेज दिया गया. इससे रिलेटेड ऑर्डर रेलवे के कैटरिंग डिपार्टमेंट व आईआरसीटीसी को प्राप्त हो गया है. इसके अनुसार ट्रेंस, स्टेशंस और प्लेटफॉ‌र्म्स पर आईआरसीटीसी, रेलवे या उनके लाइसेंसधारियों द्वारा की जाने वाली खाने और ड्रिंक की सप्लाई पर इनपुट टैक्स के बगैर पांच परसेंट की दर से जीएसटी लागू होगा.

रेलवे बोर्ड से ऑर्डर मिलते ही ट्रैक्स को रिवाइज करने कार्य शुरू हो गया है. संबंधित एजेंसी को इसका पालन करने को निर्देश दे दिया गया है.

अश्वनी श्रीवास्तव, सीआरएम

आईआरसीटीसी, लखनऊ

-----------------

क्या रेलवे लौटाएगा पैसा

वित्त मंत्रालय ने अपनी गलती तो सुधार ली, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पिछले नौ महीने से अधिक समय से हजारों पैसेंजर्स की जेब पर इसका जो असर पड़ा, उसकी जवाबदेही कौन तय करेगा? यह चूक है या जान बूझकर की गई चूक, इसका जवाब कौन देगा? क्या रेलवे पैसेंजर्स को पैसा वापस लौटाएगा.