एलर्ट- रेलवे ट्रैक के मेगा ब्‍लॉक में उलझ न जाए आपका सुहाना सफर

By: Inextlive | Publish Date: Thu 07-Dec-2017 08:32:37   |  Modified Date: Thu 07-Dec-2017 08:32:39
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एलर्ट- रेलवे ट्रैक के मेगा ब्‍लॉक में उलझ न जाए आपका सुहाना सफर
- मेगा 4लॉक लेकर ट्रैक मरम्‍मत और नई लाइन बिछाने का काम करेगा रेलवे - लाल फाटक के पास 4 दिनों के मेगा ब्‍लॉक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी हो गई थी ध्वस्त

BAREILLY:

आने वाला सप्ताह रेलवे यात्रियों के लिए और भी बोझिल होने वाला है. क्‍योंकि, रेलवे मेगा ब्‍लॉक लेकर रेल ट्रैक की मरम्‍मत करने की तैयारी में हैं. यदि, आप मंडे से कहीं जाने की प्लॉनिंग में है, तो ट्रेन से सफर आपको तनाव दे सकता है. नई लाइन बिछाए जाने के साथ ही ट्रैक मरम्‍मत का काम होने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहने वाला हैं. ट्रेनें 20 से 22 घंटे विलंब से चल सकती हैं. कुछ ट्रेनें अचानक रद्द भी की जा सकती हैं.


दिसम्‍बर तक पूरा करना है काम

दरअसल, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड ने जो लक्ष्य मुरादाबाद डिवीजन को दिए थे वहीं अभी तक नहीं पूरा नहीं हो सकता है. पटरियों व स्लीपर को बदलने का बहुत सारा काम होना बाकी है. जबकि, दिसम्‍बर लास्ट तक हर हाल में काम पूरा करने हैं. जिसे देखते हुए लखनऊ-मुरादाबाद के बीच अप-डाउन लाइन पर अलग-अलग समय में 4लॉक लेकर ट्रैक मरम्‍मत और स्लीपर को बदलने का काम किया जाएगा. सम्‍भवत: मंडे से काम शुरू किया जाएगा. फिलहाल 17 किमी तक स्लीपर बदलने और 10 किमी नई लाइन बिछाने का काम मुरादाबाद और लखनऊ के बीच होना हैं. इसके अलावा ढीली पड़ी पेंड्रोल क्लिप, जॉगल प्लेट और नट-बोल्ट भी सही किए जाने का काम होगा.

 

चार दिनों तक चला था मेगा ब्‍लॉक

लाल फाटक के पास रेलवे ने चार दिनों के लिए 20 नवम्‍बर से मेगा 4लॉक लिया था. ट्रेनों के साथ ही सड़क यातायात अस्त-व्यस्त हो गया था. ऐसे में, दोबारा ब्‍लॉक लिए जाने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित होना तय माना जा रहा है. बरेली से होकर 200 से अधिक ट्रेनें अप-डाउन लाइन में चलती हैं, जो कि ब्‍लॉक के दौरान प्रभावित रहने वाली हैं. कोहरे के चलते रोजाना 4-6 ट्रेनें अचानक रद किए जा रही है. ऊपर से ट्रैक मरम्‍मत और पुरानी पटरियों के बदलने जाने का काम होने से ट्रेनों के रद होने की संख्‍या में और इजाफा हो सकता है. वहीं ट्रेनों के रनिंग समय भी बढ़ने की उम्‍मीद जताई जा रही है.


यह रहेगा बेस्ट ऑप्शन

निजी साधन - इमरजेंसी होने पर प्राइवेट साधन सबसे बेस्ट ऑप्शन हैं. आप गंतव्य स्थान पर कम समय में और आसानी से पहुंच सकेंगे.

 

रोडवेज बस- दूसरा ऑप्शन रोडवेज बस हैं. दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, मुरादाबाद, जयपुर, मथुरा, आगरा जाने के लिए बस पकड़ सकते हैं. इन स्थानों पर जाने के लिए बरेली से बस की सर्विस उपल4ध है.

 

यह होना हैं काम

बाधा नम्‍बर-1

- 35 किमी तक स्लीपर बदलने का काम मुरादाबाद डिवीजन में होना है. फिलहाल, 18 किमी तक स्लीपर बदलने का काम पूरा हो चुका है. स्लीपर को रेल लाइनों के नीचे सपोर्ट के लिए बिछाया जाता है.

 

बाधा नम्‍बर-2

- 210 किमी तक नया रेलवे ट्रैक बिछाने का काम मुरादाबाद डिवीजन में होना है. 52 केजी प्रति मीटर के ट्रैक की जगह 60 केजी प्रति मीटर रेलवे ट्रैक बिछाने का काम हो रहा है. 80 किमी तक ट्रैक बिछाने का काम हो चुका है. 10 किमी पर काम चल रहा है.बाकी 120 किमी का काम बाद में होना हैं.

 

बाधा नम्‍बर 3

- बरेली जं1शन के प्लेटफार्म पर रेलवे लाइन तीन बिल्कुल जर्जर हो चुकी है. जहां पर हमेशा कॉशन लगा हुआ है. लाइन तीन पर वॉशेबल एप्रेन बनने का काम होना है. जल्द ही वॉशेबल एप्रेन बनाने का काम शुरू होने वाला है.

 

बाधा नम्‍बर- 4

- टूटे पड़े पेंड्रोल बदलने का काम होगा. जो कि रेलवे लाइन और स्लीपर को एक-दूसरे से बांधे रखने का काम करता है. नट-बोल्ट बदले जाएंगे. साथ ही जॉगल प्लेट 5ाी सही किए जाएंगे. जॉगल प्लेट का इस्तेमाल एक पटरी को दूसरी पटरी से जोड़ने के लिए किया जाता है.


 

डाउन लाइन की कई ट्रेनें रहीं रद

वाराणसी एक्‍सप्रेस, काशी विश्वनाथ ए1सप्रेस, मुगलसराय ए1सप्रेस, जनसेवा ए1सप्रेस.

 

 

रेल ट्रैक मरम्‍मत और नई पटरियों को बदलने का काम किया जाएगा. अगले वीक से काम शुरू किया जाएगा. मैं गोरखपुर आया हुआ हूं. बरेली पहुंचने पर जो भी काम बचे हैं उसके कम्‍प्लीट किया जाएगा.

विनय सिंह, पीडब्‍ल्यूआई, रेलवे जंक्‍शन