रोडवेज की 29 कंडम बसों में खतरे का सफर

By: Inextlive | Publish Date: Tue 13-Feb-2018 07:00:59
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रोडवेज की 29 कंडम बसों में खतरे का सफर

- 10 लाख किमी। की आयु सीमा कर चुकी हैं पूरी फिर भी बसों की नीलामी नहीं

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BAREILLY:

BAREILLY:

परिवहन निगम अपनी ख्9 कंडम बसों में यात्रियों की जान जोखिम में डाले हुए है। यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर स्थानीय प्रबंधन कबाड़ हो चुकी बसों से भी कमाई करने में लगा हुआ है। कभी कोई हादसा हुआ तो बड़े स्तर पर जानमाल को नुकसान होना तय है। पिछले कुछ समय में आधा दर्जन से अधिक जर्जर बसों में शार्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं हो भी चुकी हैं, जिसमें यात्रियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। फिर भी, अफसर सजग नहीं हो रहे हैं.

फ् माह पहले पूरी कर चुकीं उम्र

बरेली रीजन में टोटल बसों की संख्या भ्भ्फ् है। इनमें से ख्9 बसें क्0 लाख किमी। या 8 वर्ष का समय पूरा कर चुकी हैं। इस तरह यह सभी जर्जर बसें फ् माह या इससे अधिक समय से चल रही हैं। इनमें बरेली डिपो की क्क्, रुहेलखंड डिपो की 7, बदायूं डिपो की 7 और पीलीभीत डिपो की ब् बसें शामिल हैं। फिर भी रोडवेज के अधिकारी इन बसों से सवारियों को ढोने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों का यह कहना है कि मुख्यालय से अभी बसों के नीलाम किए जाने के दिशा- निर्देश नहीं मिले हैं। लिहाजा, रोडवेज अपनी जेब भरने के लिए यात्रियों की जान से खेल रहा है।

इन रूट्स पर चल रही बसें

सोर्सेज की मानें तो आयु सीमा पूरी कर चुकी बसें लोकल रूट्स ही नहीं बल्कि, लांग रूट्स पर भी चल रही हैं। इनमें से दो बसें दिल्ली रूट पर भी चल रही हैं। बाकी, बसें पीलीभीत और बदायूं रूट्स पर सवारियों को ढोने का काम कर रही हैं। यह हाल तब है, जब आए दिन जर्जर बसें हादसे का शिकार हो रही हैं। तीन दिन पहले ही फतेहगंज पश्चिमी रेलवे फाटक के पास शाहजहांपुर डिपो की बस में आग लग गई थी। बस में सवार ख्ब् यात्रियों ने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई थी। एक महीने पहले बदायूं से बरेली आ रही बरेली डिपो की बस में सर्किट हाउस चौराहे के पास आग लग गई थी। बस में रखे फायर एक्सटिंग्यूशर ने भी काम नहीं किया था।

मुख्यालय ने मांगी हादसों की रिपोर्ट

परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) ने क्षेत्रीय प्रबंधक से रोडवेज बस से होने वाले हादसों की रिपोर्ट मांगी हैं। मुख्यालय ने जनवरी महीने का रिकार्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा है। ताकि, यह पुष्टि हो सके कि जो भी हादसे हो रहे हैं, वह रोडवेज बस के चालक, परिचालक की लापरवाही के चलते हो रहे हैं या फिर सामने वाले की गलती हो रहे हैं।

अब घायलों को ख्.भ् लाख िमलेगा मुआवजा

रोडवेज बस के घायल यात्रियों को अब ढाई लाख रुपए तक का मुआवजा मिलेगा। मैनेजिंग डायरेक्टर पी गुरु प्रसाद ने सभी क्षेत्रीय प्रबन्धक, सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक वित्त को 'यात्री राहत' योजना जारी करने के निर्देश दिये हैं। योजना के तहत साधारण बस, एसी शताब्दी, वॉल्वो, स्कैनिया एवं अनुबंधित बस में यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री घायल हो जाता है, तो ऐसे यात्रियों को चिकित्सीय प्रतिपूर्ति के रूप में अधिकतम ढाई लाख रुपए की आर्थिक सहायता यात्री राहत योजना के तहत दी जाएगी। सामान्य रूप से घायल होने की दशा में ख्भ्,000, गम्भीर रूप से घायल होने की दशा में क् लाख, अति गम्भीर रूप से घायल होने पर, अस्थिभंग होने पर या भ्0 प्रतिशत से अधिक जलने की दशा में ख्,भ्0,000 रुपए तक की मदद की जाएगी।

एक नजर

- भ्भ्फ् बसें बरेली रीजन में हैं.

- 70 हजार से अधिक यात्री रोजाना करते हैं सफर.

- क्क् बसें बरेली डिपो की कंडम.

- 7 बसें रूहेलखंड डिपो की कंडम.

- 7 बसें बदायूं डिपो की कंडम.

- ब् बजे पीलीभीत डिपो की कंडम।

बसों के रिटायरमेंट की उम्र

सामान्य: साढे़ 7 लाख किमी। या म् वर्ष दोनों में जो पहले हो.

रिनोवेशन के बाद: क्0 लाख किमी। या 8 वर्ष दोनों में जो पहले हो.

बरेली रीजन की ख्9 बसों की मियाद खत्म हो चुकी है। मुख्यालय से अभी नीलामी के आदेश नहीं आए हैं। जिसकी वजह से बसों का संचालन किया जा रहा है।

नीरज अग्रवाल, एआरएम प्रशासन, रोडवेज

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