कमाल है! मंगल ग्रह पर पहुंचे बिना ही वैज्ञानिकों ने वहां पैदा करा दिया केंचुआ

By: Chandra Mohan Mishra | Publish Date: Tue 28-Nov-2017 10:02:31   |  Modified Date: Tue 28-Nov-2017 10:23:32
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कमाल है! मंगल ग्रह पर पहुंचे बिना ही वैज्ञानिकों ने वहां पैदा करा दिया केंचुआ
यह बात सुनकर आप भले ही चौंक रहे होंगे कि रेड प्लैनेट यानी मंगल ग्रह पर, जहां ना ऑक्सीजन है और ना ही पानी वहां भला एक केंचुआ कैसे जिंदा रह सकता है और फल फूल सकता है? पर जनाब यह कारनामा नासा और नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने मिलकर कर दिखाया है।

मंगल की मिट्टी में ग्रो कर रहे केंचुए
मिट्टी में पाया जाने वाला केंचुआ तो हम सभी जानते हैं जो मिट्टी और खेतों के लिए बहुत ही उपयोगी है, लेकिन यह बिना ऑक्सीजन और पानी के जिंदा नहीं रह सकता। अभी तक तो हम यही मानते थे लेकिन NASA की एक रिसर्च के मुताबिक वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह के नकली माहौल और वहां की जैसी ही मिट्टी में केंचुए को बढ़ते देखा है। इस रिसर्च के नतीजों से वैज्ञानिक बहुत खुश है क्योंकि इससे मंगल ग्रह पर इंसानो के जीने और रहने की बड़ी संभावनाएं दिखाई देती है।

 

पौधे को बढ़ते देख वैज्ञानिक हुए खुश
हाल ही में नीदरलैंड की Wageningen University एंड रिसर्च सेंटर को नासा द्वारा मंगल ग्रह जैसी मिट्टी और वहां के जैसा माहौल उपलब्‍ध कराया गया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने उसमें Rucola का पौधा लगाया गया साथ ही में केंचुए और जानवरों का मलमूत्र डाला गया। इसके बाद शुरू हुई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने धीरे-धीरे कुछ दिनों के अंतराल पर पाया कि मंगल ग्रह जैसे हुबहू माहौल में भी यह पौधा बड़ा हो रहा है और उस मिट्टी में डाली गए बैक्‍टीरिया भी जिंदा हैं। यह देखकर वैज्ञानिक वाकई चौंक गए।

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पहली बार किया ऐसा कमाल
पहली बार वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह जैसे हुबहू माहौल में जीवित प्राणियों के साथ सक्सेसफुल रिसर्च की है। Wageningen Universityमें इस रिसर्च के इंचार्ज Wieger Wamelink बताते हैं कि इस एक्सपेरिमेंट का अंतिम चरण तो बहुत ही ज्यादा हैरान करने वाला था। जब हमने मंगल ग्रह की मिट्टी वाले माहौल में पाया कि दो नए वर्म मौजूद हैं। वैज्ञानिकों के लिए यह नजारा सच में खुश करने वाला है। क्योंकि मंगल ग्रह जैसे माहौल में केंचुए का बढ़ना और नए केंचुए का जन्म वहां इंसानों की जिंदगी को लेकर वाकई उम्‍मीद की एक बड़ी किरण जगाता है।

 

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आपको बता दें कि वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी ही नहीं संसार की किसी भी जगह पर बगीचे और उपजाऊ मिट्टी के लिए केंचुए बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट है। चाहे मंगल हो पृथ्वी या फिर चांद यह कीड़े मिट्टी और पौधों में मौजूद मरे हुए ऑर्गेनिक सेल्स को भी जिंदा करने की क्षमता रखते हैं। ये कीड़े उन्हें खाकर उन में नई जान फूंक देते हैं।

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