कुत्ते पालने से लंबी हो सकती है जिंदगी

By: Chandra Mohan Mishra | Publish Date: Wed 22-Nov-2017 05:25:50
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कुत्ते पालने से लंबी हो सकती है जिंदगी
स्वीडन में किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि कुत्ते पालने वाले लोगों में ह्रदय रोग और दूसरे कारणों से मरने का ख़तरा कम होता है।

इस अध्ययन को 34 लाख पंजीकृत लोगों पर किया गया। इसमें 40 से 80 साल के कुत्ते नहीं पालने वालों की तुलना उनसे की गई जिन्होंने अपने आप को कुत्तों के मालिक के रूप में भी पंजीकृत कराया था। इसमें पाया गया कि उन लोगों में ह्रदय रोग का ख़तरा कम होता है जिनके पास कुत्ते हैं, ख़ासतौर पर वो जिनके पास शिकारी नस्ल के कुत्ते होते हैं।

आमतौर पर ये माना जाता है कि कुत्ते रखने से शारीरिक गतिविधियां बढ़ती हैं, शोधकर्ताओं के मुताबिक ऐसा भी हो सकता है जो लोग ज़्यादा सक्रिय होते हैं, वो कुत्ते पालना पसंद करते हैं।

अध्ययन के मुताबिक कुत्ते आपको बीमारी से बचा सकते हैं क्योंकि इन्हें पालने वालों का समाजिक संपर्क बढ़ता है और वो लोग खुश रहते हैं। कुत्तों के कारण उनके मालिक के माइक्रोबायोम में भी बदलाव आ सकता जो कि ह्रदय रोग के ख़तरे को कम करने में मददगार हो सकता है। पेट में रहने वाले सूक्ष्म जीवों को सामूहिक रूप से माइक्रोबायोम कहते हैं।

 

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ऐसा माना जाता है कि कुत्ते घर में फैली गंदगी में बदलाव ला सकते हैं जिसका असर उनके मालिक के माइक्रोबायोम पर पड़ता है। कुत्ते पालने वाले लोग कई दूसरे तरह के बैक्टीरिया के संपर्क में भी आते हैं जो उनके माइक्रोबायोम पर प्रभाव डाल सकता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक कुत्तों का ये असर उन लोगों पर ज़्यादा होता है जो अकेले रहते हैं।

अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता उपासला विश्वविद्यालय के म्वेनिया मूबांगा के मुताबिक, "नजीजे बताते हैं कि कुत्ते पालने वाले वो लोग जो अकेले रहते हैं, उनके मरने का ख़तरा कुत्ते नहीं पालने वालों से 33 प्रतिशत तक और दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा 11 प्रतिशत तक कम हो जाता है"

पहले के शोध बताते हैं कि जो लोग अकेले रहते हैं, उन में ह्रदय रोग से मरने का ख़तरा ज़्यादा होता है।

साइंटिफ़िक रिपोर्ट्स नाम की वेबसाइट पर छपी इस स्टडी के लिए टीम ने 2001 से 2012 तक का डाटा इकट्ठा किया। स्वीडन में अस्पताल की हर एक विज़िट को नेशनल डाटाबेस में रिकॉर्ड किया जाता है। कुत्ते रखने वालों के लिए पंजीकरण को 2001 में अनिवार्य कर दिया गया था।

टेरीयर, रिट्रीवर और सेंट हाउंड्स जैसे मूल रूप से शिकार करने वाली नस्लें रखने वालों को ह्रदय रोग का ख़तरा कम होता है।

 

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ब्रिटिश हार्ट फ़ाउनडेशन के डॉक्टर माइक नैपटन के मुताबिक, "कुत्ता पालने से ह्रदय रोग कम होता है। ये पहले के शोध में भी पता चला है, लेकिन पहले के शोध इतने निर्णायक नतीजे पर नहीं पहुंचे थे। ये स्टडी असरदार है क्योंकि इसका साइज़ बहुत बड़ा था,"

उनके मुताबिक कुत्ते पालने के बहुत फ़ायदे हैं और अब एक स्वस्थ हृदय को भी हम उससे जोड़ कर देखेंगे।

नैपटन कहते हैं, "लेकिन कुत्ते पालने वाले इस बात से इनकार नहीं करेंगे कि उन्हें पालने का मुख्य कारण उनके साथ होने वाली मस्ती है। आप चाहे कुत्ता पालते हों या नहीं, लेकिन अगर आप ऐक्टिव रहते हैं तो अपने आप को स्वस्थ रखने का ये सबसे अच्छा तरीका है"

इस अध्ययन के वरिष्ठ शोधकर्ता टोव फ़ॉल बताते हैं कि इसकी भी कुछ सीमाएं हैं। उनके मुताबिक,"इन्हें एक बड़ी आबादी के साथ जोड़कर देखा जा सकता है, लेकिन इनसे कुछ सवालों के जवाब नहीं मिलते जैसे कि आखिर किस तरह के कुत्ते दिल की बीमारियों से बचने में मदद करते हैं।"

उनके मुताबिक "ऐसा हो सकता है कि कुत्ते पालने वालों और नहीं पालने वालों में पहले से अंतर हो जिसका असर अध्ययन पर पड़ा हो। उदाहरण के लिए ऐसा मुमकिन है कि जो लोग पहले से ही ऐक्टिव और स्वस्थ हैं, उन्होंने ही कुत्ते पालने के बारे में सोचा।"

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