इन लोगों ने मिलकर बनाया टैबलेट
साइंटिस्ट्स ने नेत्रहीनों की मदद के लिए एक नया टचस्क्रीन टैबलेट विकसित किया है। इसकी मदद से नेत्रहीन न केवल रास्ते को खोज सकेंगे बल्कि मैथ्स की पढ़ाई भी कर सकेंगे। नेत्रहीनों को अनजान जगहों पर चलने में खासी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्विटजरलैंड के इकोल पॉलीटेक्निक फेडरल डी लुसाने (ईपीएफएल) के शोधकर्ताओं ने यह टचस्क्रीन टैबलेट विकसित किया है। यह वजन में काफी हल्का है। इस पर आकार और मानचित्र तेजी से उभरते हैं जिसे यूजर्स अंगुलियों से छूकर आसानी से रास्ता खोज सकते हैं।

कैसे करेगा काम

इस टैबलेट से नेत्रहीन छात्रों को जियोमेट्री या मैथ्स जैसे विषयों को पढऩे में भी मदद मिल सकती है। इस टैबलेट का आकार 12 गुना 15 सेंटीमीटर है। इस पर 192 छोटे-छोटे चुंबकीय बटन हैं। ये बटन महज एक मिलीसेकेंड (सेकेंड का 1000वां हिस्सा) में इमारत, सड़क या कांफ्रेंस रूम का आकार ले सकते हैं। यूजर्स मानचित्र के किसी खास हिस्से को बड़ा भी कर सकते हैं। नेत्रहीनों पर इस तकनीक का परीक्षण भी हो चुका है। ईपीएफएल के माइक्रोसिस्टम फॉर स्पेस टेक्नोलाजी लेबोरेटरी के निदेशक हर्बर्ट शी ने कहा कि टैबलेट को ब्लूटूथ से लैस किया गया है। इसलिए इसे कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता है। यूजर्स ब्रेल डिस्प्ले को पढ़ सकते हैं। इससे वे आसपास के रास्तों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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