अंतरिक्ष में एक साल गुजारना कैसा लगता है?

By: Chandra Mohan Mishra | Publish Date: Sun 12-Nov-2017 08:09:47
A- A+
अंतरिक्ष में एक साल गुजारना कैसा लगता है?
अपने घर से दूर, शानदार नज़ारों के बीच स्पेस स्टेशन पर एक साल गुज़ारना कैसा लगता होगा? आप में से कुछ लोगों के लिए ये शायद किसी सपने से कम नहीं हो। स्कॉट केली एक अंतरिक्ष यात्री हैं जो 340 दिन अंतरिक्ष में रह कर आए हैं। अपने अनुभव बीबीसी से बांटते हुए उन्होंने बताया कि स्पेस स्टेशन में गुज़ारा हर दिन उनके लिए एक याद बन कर रह गया है।

केली के मुताबिक "वहां बहुत ज़्यादा काम होता है। हमें हर दिन सुबह छह बजे उठना होता है। वहां तीन तरह के काम होते हैं - या तो कोई प्रयोग करना होता है, या फिर स्पेस स्टेशन के ख़राब हार्डवेयर की रिपेयरिंग करनी होती है या फिर स्पेस स्टेशन के जेनरल मेंटेनेंस पर ध्यान देना होता है ताकि स्टेशन सही तरीके से काम कर सके।"

केली के मुताबिक "मैं वहां एक वैज्ञानिक नहीं था, मैं एक साइंटिफ़िक सब्जेक्ट था। मैं कई प्रयोगों का ऑपरेटर रहा। मुझे लगता है कि आज से कई सालों बाद जब मैं पीछे मुड़कर अपने किए गए प्रयोगों को देखूंगा तो शायद ये अहसास होगा कि हम लोग कुछ ऐसा कर पाए जिसने हमें आगे बढ़ने में मदद की।"

 

science news, international news, Scott Kelly, Astronaut, usa Astronaut, NASA, space news, ISS, international space station, 1 year in space, space science


क्या आप में भी है कुछ खास? ये 10 बॉडी फीचर्स दुनिया में सिर्फ कुछ के ही पास हैं

केली के मुताबिक, "अंतरिक्ष से धरती शानदार दिखती है। ज़्यादातर जगहों पर ये नीली दिखती है। हम भाग्यशाली हैं कि हमें रहने के लिए ऐसा घर मिला है, लेकिन कई जगहों पर प्रदूषण देखा जा सकता है। कई जगहों पर वातावरण बहुत ख़राब हो गया है।"

 

science news, international news, Scott Kelly, Astronaut, usa Astronaut, NASA, space news, ISS, international space station, 1 year in space, space science


ऐसी जुगाड़ से प्रदूषण को मात दे रहे हैं ये 5 देश और हम यहां स्‍मॉग में ही घुटे जा रहे हैं!

केली ने बताया, "धरती को अंतरिक्ष से देखने का अनुभव आपको बदल देता है। वहां रहकर मुझे लगा कि मैं कई तरह की कठिनाईयों का सामना करने हुए भी काम कर सकता हूं।"

केली ने मुताबिक, "धरती के ऊपर से देखना एक अदभुत अनुभव है। बाहर से आपको ये एक खूबसूरत और शांत जगह दिखती है। लेकिन कई बार ऐसा नहीं है। ये आपको अपने ग्रह की स्थिति के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर देता है, धरती के प्रति आपकी सहानुभूति बढ़ जाती है।"


दो देशों में तनाव की वजह बना 'कचरे का समंदर'

 

International News inextlive from World News Desk