- गुरु गोरक्षनाथ मंदिर की सुरक्षा में आमूलचूल परिवर्तन

- ड्रोन कैमरों से होगी मुख्यमंत्री निवास की निगरानी

GORAKHPUR: गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद सिटी की सुरक्षा व्यवस्था में अभी से परिवर्तन के संकेत नजर आने लगे हैं. खासकर, गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन के संकेत दिए गए हैं. मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बदलने लगी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री के निवास स्थान और दफ्तर की ओर किसी आम व्यक्ति को जाने की इजाजत नहीं होगी. मंदिर के गर्भगृह गेट पर सघन चेकिंग के बाद ही किसी को भीतर जाने की इजाजत मिल सकेगी. इसके साथ ही सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का रिव्यू किया जाएगा. समीक्षा के बाद नए सिरे से सिक्योरिटी तैनात की जाएगी.

ड्रोन कैमरों से होगी मंदिर की निगरानी

गुरु गोरक्षनाथ मंदिर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी. मुख्यमंत्री निवास के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद लेने की तैयारी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंदिर के हर गेट पर सीसीटीवी कैमरे नजर रखेंगे. बाहर से मंदिर कैंपस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि गोरखनाथ मंदिर कैंपस के आसपास होने वाली हर गतिविधि पर नजर बनी रहे. चार जगहों पर बैरिकेडिंग कराकर जांच पड़ताल कराई जाएगी. हर बैरिकेडिंग के लिए चार सब इंस्पेक्टर और 16 कांस्टेबल की तैनाती की गई है.

थी वाई श्रेणी की सुरक्षा

विभिन्न आतंकी संगठनों की ओर से मिलने वाली धमकियों के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पहले ही फुलप्रूफ कर दी गई थी. भारत सरकार की ओर से योगी आदित्यनाथ को वाई श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी. सीआईएसएफ के दो अफसर और 11 जवानों को पांच एमपी गन के साथ नियुक्त किया गया. सीआईएसएफ जवान 24 घंटे गोरखनाथ मंदिर, कार्यालय और उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर मौजूद रहते थे लेकिन सीएम के प्रोटोकाल के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव हो जाएगा. योगी को जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था दी जा सकती है.

अतिरिक्त फोर्स का हुआ इंतजाम

योगी के सीएम बनाए जाने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. शनिवार की शाम पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना करके सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए. मंदिर में पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के अतिरिक्त दो कंपनी पीएसी लगा दी गई थी. संवेदनशीलता का आलम यह है कि पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां रद कर दी गई. अवकाश पर गए पुलिस अधिकारी लौट आए. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद योगी के गोरखपुर आने की संभावना में पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है. कानून-व्यवस्था को देखते हुए अन्य जिलों से फोर्स मांगी गई है. सीएम की फ्लीट के लिए 16 वाहनों को तैयार किया गया है. रविवार की देर शाम तक मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी के गोरखपुर पहुंचने को लेकर तैयारी चलती रही. एयरपोर्ट से लेकर गोरखनाथ मंदिर के रूट का पुलिस अधिकारियों ने निरीक्षण किया.

जेड प्लस श्रेणी में होगा यह इंतजाम

एएसपी 01

डीएसपी 01

कोबरा कमांडो 06

एनएसजी कमांडो 07

इंस्पेक्टर 25

सब इंस्पेक्टर 50

कांस्टेबल 30

बम निरोधक दस्ता 08 सदस्य

एंटी सेबाटोज टीम 07 सदस्य

पहले से इतनी फोर्स थी मौजूद

इंस्पेक्टर 01

सब इंस्पेक्टर 05

हेड कांस्टेबल 13

कांस्टेबल 62

महिला कांस्टेबल 08

मंदिर में बढ़ाई गई इतनी फोर्स

सीओ 04

इंस्पेक्टर 12

सब इंस्पेक्टर 50

कांस्टेबल 300

पीएसी दो सेक्शन

डॉग स्क्वायड

बम निरोधक दस्ता

मुख्यमंत्री के मानक के अनुसार सुरक्षा का इंतजाम किया जाएगा. गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी. मुख्यमंत्री के निवास स्थान और बैठक कक्ष की ओर बिना इजाजत किसी की भी इंट्री नहीं हो सकेगी. प्रोटोकाल के अनुसार सुरक्षा का प्लान तैयार किया जाएगा.

मोहित अग्रवाल, आईजी