कैंट में 25 साल बाद बनेगा सीवरेज सिस्टम

By: Inextlive | Publish Date: Fri 21-Apr-2017 07:40:25
A- A+
कैंट में 25 साल बाद बनेगा सीवरेज सिस्टम

- देश का दूसरा छावनी क्षेत्र होगा जिसमें होगा सीवरेज सिस्टम

- डिफेंस ने जारी किए कैंट बोर्ड को 8.50 करोड़ रुपये

MEERUT: छावनी क्षेत्र के तकरीबन एक लाख लोगों के लिए खुशखबरी है। काफी वर्षो का इंतजार और कोशिश के बाद मेरठ छावनी के आठों वार्ड को सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पहले फेज में वार्ड चार, पांच और छह में सीवरेज सिस्टम लगाया जाएगा, इसके लिए रक्षा मंत्रालय से साढ़े आठ करोड़ रुपये छावनी परिषद के खाते में डाल दिए गए है। जल्द ही टेंडर निकालकर काम शुरू किया जाएगा। यह जानकारी प्रेसवार्ता के दौरान उपाध्यक्ष बीना वाधवा और सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने दी।

25 साल से भेज रहे हैं प्रस्ताव

कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष बीना बाधवा और सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने गुरूवार को सीवरेज सिस्टम की जानकारी दी। उपाध्यक्ष बीना बाधवा ने बताया कि 25 साल पहले सीवरेज के लिए कोशिश की गई थी। जो आज धरातल पर उतरी है। सभी के प्रयास से छावनी परिषद के चार, पांच और छह वार्ड में सीवरेज सिस्टम शुरू करने के लिए साढ़े आठ करोड़ रुपये मिल गए हैं। छावनी में सीवरेज सिस्टम बनने से गंदगी, मच्छर से फैलने वाली बीमारी से भी लोगों को राहत मिलेगी।

पानी का किया जाएगा उपयोग

सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि पहले चरण में तीन वार्ड में सीवरेज सिस्टम शुरू किया जाएगा। टेंडर जल्द निकलेगा। इस सीवरेज सिस्टम का एसटीपी भैंसाली ग्राउंड के पास लगेगा। जो भी वाटर वेस्ट मैटेरियल है। उससे ट्रीटमेंट करके पेड़ पौधों नर्सरी की सिंचाई के उपयोग में लाया जाएगा। साथ ही उस पानी को उर्वरक के तौर पर बिक्री के लिए रखा जाएगा। डेढ़ साल में पहले फेज का काम पूरा हो जाएगा। छावनी के शेष एक, दो, तीन, सात और आठ वार्ड में सीवरेज सिस्टम दूसरे और तीसरे फेज में पूरा किया जाएगा। पहले फेज का काम शुरू होने के साथ ही दूसरे और तीसरे फेज के काम के लिए भी व्यवस्था कर ली जाएगी। उम्मीद है कि अगले पांच साल में पूरी छावनी सीवरेज सिस्टम से जुड़ जाए।

जल्द शुरू होगी शुल्क व्यवस्था

कैंट बोर्ड ने सड़कों पर वाहन खड़े करने व डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के बदले शुल्क लेने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। तीन महीनें में सारी व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। गांधी बाग के हर प्वाइंट पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। जहां जहां वाटर एटीएम हैं उसे भी कैमरे से जोड़ा जा रहा है।

हटाया जाएगा अतिक्रमण

कैंट बोर्ड ने 150 अवैध निर्माण और अतिक्रमण को चिंहित किया है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीईओ ने कहा कि डीएम को पुलिस फोर्स के लिए पत्र लिखा है। वह इसके लिए डीएम से मिलेंगे।

स्मार्ट कैंट में ये काम भी होंगे

- डोर टू डोर वेस्ट मैटेरियल उठाने की प्रक्रिया शुरू.

- छावनी में वायु प्रदूषण नापने के लिए मीटर.

- आबूनाले को चारो तरफ से जाल से कवर किया जाएगा.

- ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा.

- टचिंग ग्राउंड पर वेस्ट मटेरियल से फ्यूल और बायोगैस बनाए जाएंगे.

- प्राइमरी स्कूलों में ई- लाइब्रेरी, कंप्यूटर क्लास शुरू.

गांधी बाग की बदली सूरत

गांधी बाग को म्यूजिकल पार्क के तौर पर विकसित किया जा रहा है। जिसमें रंगीन रोशनी लगाई जा रही है। फाउंटेन तैयार किया जा रहा है। रात आठ बजे से दस बजे तक के लिए गांधी बाग को खोला जाएगा। इस दौरान पार्षद रिनी जैन, मंजू गोयल, नीरज राठौर, अनिल जैन, धर्मेद्र सोनकर, बुशरा कमाल उपस्थित रहे।

inextlive from Meerut News Desk