delete

सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर ये बोले शेखर कपूर

By: Inextlive | Publish Date: Thu 01-Dec-2016 04:41:23
- +
सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर ये बोले शेखर कपूर
आप फिल्‍म देखने तो जरूर जाते होगों। ऐसे में फिल्‍म शुरु होने से पहले आप ने राष्‍ट्रगान भी बजते हुए देखा होगा। राष्‍ट्रगान बजने के दौरान सम्‍मान स्‍वरुप कुछ लोग खड़े हो जाते हैं और कुछ लोग नहीं खड़े होते हैं। एक बुजुर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में एक राष्‍ट्रगान के सम्‍मान स्‍वरूप खड़ा होने के लिए एक याचिका दायर की थी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म दिखाने से पहले राष्ट्रगान बजाने और इस दौरान लोगों को सम्मान स्वरूप खड़ा होने का का आदेश दिया गया। बुधवार को दिये गये निर्णय पर बॉलीवुड की ओर निर्देशक और फिल्‍मकार ने न्‍यायालय के आदेश की आलोचना की है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए बॉलीवुड के निर्देशक शेखर कपूर ने देश भर में फिल्म दिखाने से पहले सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य करने के न्यायालय के आदेश की आलोचना की। कपूर ने कहा कि शीर्ष न्यायालय को नेताओं के लिए भी संसद का प्रत्येक सत्र शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर देना चाहिए। उन्होंने ट्विट करते हुए कहा कि उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय भारतीय संसद को हर सत्र की शुरूआत से पहले राष्ट्रगान गाने का आदेश देगी। अक्‍सर यह नाटक भी फिल्म जैसा लगता है। कुछ देर बाद शेखर कपूर ने एक रिट्वीट करते हुए कहा उच्चतम न्यायालय भारतीय संसद को हर सत्र की शुरूआत से पहले राष्ट्रगान गाने का आदेश देने के लिए कहे।



सितंबर में दायर की थी याचिका
बॉलीवुड फिल्मकार कुंदर आदेश की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रगान रेस्‍टोरेंट सहित घूमने-फिरने एवं मनोरंजन की सभी जगहों पर अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा यह आदेश आधा ही है। राष्ट्रगान बजते समय खड़े ना होने की क्या सजा है। देखते ही गोली मार देना। पीट-पीटकर हत्या कर देना। जेल भेज देना या फांसी पर चढ़ा देना। ज्ञात हो कि राष्ट्रगान के सम्मान के मुद्दे पर केन्द्रीय भंडारण निगम के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्याम नारायण चौकसे ने उच्चतम न्यायालय में सितम्बर 2016 में याचिका दायर की थी।

Bollywood News inextlive from Bollywood News Desk