स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी पर शिकंजा कसेगा विभाग

3 साल में तीन शहरों में लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर

मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर का किया गया चयन

10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का रखा गया है लक्ष्य

Meerut. बिजली विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए अब स्मार्ट मीटर का सहारा लिया है. स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर से छेड़छाड़ और कटिया डालकर बिजली चोरी कंट्रोल रूम में बैठकर ही पकड़ में आ जाएगी. साथ ही उपभोक्ता की गलत मीटर रीडिंग और सही समय पर रीडिंग न लेने जैसी शिकायत भी स्मार्ट मीटर से दूर हो जाएंगी. मई माह में स्मार्ट मीटर विभाग को मिल जाएंगे, इसके बाद शहर में मीटर लगने शुरू हो जाएंगे.

ऑनलाइन होगी रीडिंग

बिजली विभाग के कर्मचारी अब राीडिंग लेने के लिए घर-घर नहीं जाएंगे. बल्कि अब ऑनलाइन ही उपभोक्ता की मीटर रीडिंग ले ली जाएगी. मैसेज के माध्यम से उपभोक्ता को बिल की जानकारी भी दी जाएगी. जानकारी मिलने पर क्रॉस चेकिंग के लिए वह अपने मीटर में अपने आप अपनी रीडिंग चेक कर सकेगा.

नहीं लगाने होंगे चक्कर

दरअसल, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को फॉल्ट के लिए भी बिजली विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. फॉल्ट होने वाली जगह अपने आप कंट्रोल रूम में लगे कंप्यूटर पर इंडीकेशन देने लगेगी. फॉल्ट पता चलने पर बिजली विभाग की टीम खुद पहुंचकर उसको सही करेगी. बिजली विभाग ने आगामी तीन सालों में मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर शहर में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है. मई माह से इस योजना की शुरुआत कर दी जाएगी.

बिल संबंधी जानकारी

स्मार्ट मीटर के बाद उपभोक्ताओं को बिल सही कराने के लिए विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. स्मार्ट मीटर द्वारा बिल बनने के बाद उपभोक्ता के मीटर पर बिल की धनराशि, बिल की रीडिंग एवं विच्छेदन तिथि आदि प्रदर्शित होगी. जिसे देखकर उपभोक्ता को घर बैठे ही बिलिंग संबंधी सभी जानकारी मिल जाएंगी.

पकड़ी जाएगी चोरी

स्मार्ट मीटर के माध्यम से विभाग आसानी से बिजली चोरी पकड़ सकेगा. किस ट्रांसफार्मर से कितनी आपूर्ति हो रही है एवं उस ट्रांसफार्मर से कितने कनेक्शन जुड़े हैं तथा कनेक्शंस की रीडिंग कितनी आ रही है. इन सभी का एनालीसिस कर पता चल जाएगा कि कहां पर चोरी हो रही है.

स्मार्ट मीटर मई माह में लगाने शुरू होंगे. स्मार्ट मीटर से विभाग को बिजली चोरी का भी पता लग सकेगा. स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता अपने बिल से संबंधित सभी जानकारी हासिल कर सकेगा.

भागवत यादव, चीफ इंजीनियर, बिजली विभाग