दोस्त को गोली मारने के बाद लाश को ले गया सीट बेल्ट बांधकर!

By: Inextlive | Publish Date: Sat 06-Jan-2018 02:50:10   |  Modified Date: Sat 06-Jan-2018 03:42:57
A- A+
दोस्त को गोली मारने के बाद लाश को ले गया सीट बेल्ट बांधकर!
बरेली मेंं इंटर केे छात्र देवेंद्र पटेल हत्याकांड में दो दोस्त गिरफ्तार, तमंचा और कार बरामद।

BAREILLY: इंटर के छात्र देवेंद्र पटेल की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. देवेंद्र की हत्या उसके दोस्त विक्की उर्फ अजय पटेल ने 16 हजार रुपए के लेनदेन में की थी. रुपए न देने पर उसने चलती कार में आगे की सीट पर बैठे देवेंद्र की कनपटी पर गोली मार दी थी. किसी को भनक न लगे, इसके लिए उसने दोस्त को मरा समझकर सीट बेल्ट से बांध दिया. ताकि लगे कि सवारी बैठी है और फिर कई किलोमीटर दूर जाने के बाद उसके शव को अपने बचपन के दोस्त अमनदीप के साथ मिलकर ठिकाने लगाने लगा दिया. जब वह दोस्त की लाश को ठिकाने लगा रहा था तो उसे लगा कि दोस्त की सांसें बची हैं तो उसके सीने में एक और गोली मार दी थी और दोस्त के साथ फरार हो गया था. पुलिस ने विक्की और अमनदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल तमंचा और कार बरामद कर ली है. वहीं विक्की ने अपनी जान बचाने में हत्या की कहानी रची है. पुलिस ने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे और कॉल डिटेल के आधार पर वारदात का खुलासा किया.

 

न्यू ईयर पार्टी के दौरान पी शराब

एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण ने बताया मलपुर निवासी देवेंद्र पटेल 30 दिसंबर को नवाबगंज चीनी मिल पर गन्ना लेकर गया था. 31 दिसंबर को उसे कचौली बिथरी चैनपुर निवासी विक्की उर्फ अजय पटेल ने उसे न्यू ईयर की पार्टी करने के बुलाया. विक्की के साथ में उसका दोस्त अमनदीप निवासी ग्रीन वैली कॉलोनी करगैना व तीन अन्य थे. सभी दोस्तों ने ग्रीन वैली कॉलोनी में शराब पी और फिर विक्की उसे अपनी ऑल्टो कार में छोड़ने नवाबगंज के लिए निकले. उसने रिठौरा में पेट्रोल पंप पर कार में तेल डलवाया था. विक्की ने बीएससी की है और उसने एसएससी की सीजीएल टीयर वन की परीक्षा भी पास कर ली है. उसके पिता कांस्ट्रक्शन का काम करते हैं. अमनदीप थर्ड क्लास से उसका दोस्त है. उसने भी बीएससी की है और वह भी एसएससी की तैयारी कर रहा है. अमनदीप के पिता राजेश मिश्रा एजुकेशन डिपार्टमेंट में सीनियर एबीआरसी हैं.

 

सांस चल रही थी, इसलिए मारी दूसरी गोली

रास्ते में लभेड़ा के पास विक्की ने देवेंद्र से उधार के 16 हजार रुपए मांगे. रुपए मांगने पर झगड़ा हो गया और विक्की ने तमंचा से देवेंद्र की कनपटी पर गोली मार दी. जबकि विक्की का कहना है कि तमंचा देवेंद्र का था. देवेंद्र ने उस पर तमंचा तान दिया था, जिसके बाद उसने ब्रेक लगा दिए और तमंचा छीनकर देवेंद्र को गोली मार दी थी. उसके बाद देवेंद्र के शरीर में सीट बेल्ट बांधी और फिर वापस शहर की ओर चल दिए. बड़ा बाईपास होते हुए धीमरी नहर की चकरोड पर जाकर लाश को ठिकाने लगाने लगे. यहां पर देवेंद्र की लाश जब नीचे उतारकर फेंकी और उसके कपड़ों से मोबाइल और पर्स निकाली. इसी दौरान एक गोली भी निकली. विक्की को लगा कि देवेंद्र की नब्ज चल रही है तो दूसरी गोली सीने में मार दी. उसके बाद वह घर गया और कार को धुल लिया और फिर आंवला में रिश्तेदार के घर फरार हो गया.