छात्रों को विज्ञान विषय सिखाने के विज्ञानी तरीकों के लिए शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग

BAREILLY:

लिखने और रटने का विषय बनकर रह गए विज्ञान को उसके मूल रूप यानि प्रयोग के जरिए छात्रों तक पहुंचाने के लिए कदम उठने शुरू हो गए है। जिसके तहत हिंदी मीडियम स्कूलों के साइंस टीचर्स को ये विषय सिखाने के प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि साइंस पढ़ाने वाले टीचर्स की सोच और टीचिंग मैथड साइंटिफिक हो सके। यदि साइंस टीचर इस विषय को पढ़ाने की बजाय सिखाना सीख जाएगा तो जाहिर तौर पर इसका सीधा-सीधा लाभ स्कूली बच्चों को मिलेगा।

विज्ञान सिखाने के तरीके सीखेंगे शिक्षक

विज्ञान के क्षेत्र में हर दिन उपलब्धि का आसमान छू रहे देश की बड़ी दिक्कत यहां विज्ञानी सोच विकसित न हो पाना है। जो उपलब्धियों और अज्ञानता के बीच खाई पैदा कर रही है। इस बड़े अंतर को पाटने के लिए कच्ची उम्र यानि कक्षा म् से लेकर क्0 वीं तक के बच्चों में विज्ञानी सोच विकसित करना एक कारगर कदम हो सकता है। इसीलिए इन छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग के जरिए साइंस पढ़ाने के लेक्चर मैथड की जगह प्रेक्टिकल मैथड की सिखाया जाएगा। जिससे शिक्षक क्लास में ही एक्स्पेरिमेंट्स के जरिए उदाहरण देकर छात्रों को ये विषय सिखा रहे। इसके साथ टीचर्स को साइंस किट भी उपलब्ध करायी जाएगी। जिससे वे छात्रों को साइंटिफिक तरीकों से साइंस की जानकारी दे सके।

अगले महीने होगी ट्रेनिंग

'आओ करके सीखें विज्ञान' नाम की ये टीचिंग ट्रेनिंग जिले के सभी ब्लाक्स के गवर्नमेंट और एडेड स्कूलों के साइंस टीचर्स को दी जानी है। जो विकास भवन के सभागार में आयोजित होगी। पिछले दिनों प्रमुख सचिव उप्र द्वारा इस तरह का ट्रेनिंग प्रोग्राम आर्गनाइज करने के लिए सभी जिलों को आदेश दिये गए, जिसके तहत काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलाजी द्वारा संचालित जिला विज्ञान क्लब ये ट्रेनिंग आयोजित करेगा। इन ट्रेनिंग पैनल में आईआईटी-कानपुर के प्रोफेसर्स का पैनल नियुक्त किया गया है। स्कूलों के चयन के संबंध में डीएम की अध्यक्षता में बीएसएस, डीआईओएस व अन्य अधिकारियों में फैसले लिए जाएंगे।

मुझे ख्ख् जनवरी को सीडीओ साहब द्वारा इस ट्रेनिंग के संबंध में पत्र दिया गया, अगले महीने से इस ट्रेनिंग को शुरू करने का प्लान है। अभी डीएम साहब की अध्यक्षता में मीटिंग होनी है तब ही सारी चीजें फाइनल हो पाएंगी।

- रवि प्रकाश, डिस्ट्रक्ट कोआर्डिनेटर- जिला विज्ञान क्लब