ALLAHABAD: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में परीक्षा देने पहुंचे छात्र को गुरुवार की दोपहर क्लास रूम में घुसकर गोली मार दी गई. वारदात फिलासफी डिपार्टमेंट में हुई. इस घटना से परीक्षार्थियों के साथ टीचर्स भी सन्नाटे में आ गये. सूचना मिलने ही आला पुलिस अधिकारी स्पॉट पर पहुंच गये. आनन-फानन में परीक्षार्थी को अस्पताल पहुंचाया गया. उसकी हालत गंभीर बताई गई है.

परीक्षा से ठीक पहले मारी गोली

दोपहर के करीब 2:10 बजे थे. एयू के फिलासफी डिपार्टमेंट में परीक्षार्थी कॉपी-पेपर मिलने का वेट कर रहे थे और टीचर्स किसी इम्पार्टेट मीटिंग में बिजी थे. इसी बीच अचानक गोली चलने की तेज आवाज आयी. जब तक कोई कुछ समझता, तब तक गोली चलाने वाला सरदार सिंह नामक युवक सबकी आंखों से ओझल हो गया. पता चला कि एमए सेकेंड सेमेस्टर के छात्र नागेन्द्र सिंह उर्फ गोलू को सीने से थोड़ा ऊपर गोली मारी गयी है. मौके पर जमा परीक्षार्थी और टीचर्स छात्र को लहुलूहान हालत में पन्ना लाल रोड स्थित राज नर्सिग होम ले गए. आरोपी जौनपुर का रहने वाला बताया जा रहा है.

2014 से शुरू हुई रंजिश

घटना के कुछ समय के भीतर ही राज नर्सिग होम पर पुलिस के आला अधिकारी और भारी संख्या में छात्रों की भीड़ जमा हो गई. छात्रों की भीड़ को देखते हुए अधिकारी इस चिंता में थे कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो जाए. इसलिए अस्पताल और यूनिवर्सिटी के पास काफी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई. वारदात की जानकारी पाकर नागेन्द्र के चाचा कैप्टन अवधराज सिंह और जय सिंह अस्पताल पहुंचे. उन्होंने बताया कि नागेन्द्र तातारगंज घूरपुर का रहने वाला है. आरोप लगाया कि गोली सरदार सिंह ने पुरानी रंजिश में मारी है. परिजनों के मुताबिक पूर्व में सरदार सिंह हिन्दू हास्टल में रहता था. वर्ष 2014 में हिन्दू हास्टल में रहने के दौरान ही नागेन्द्र ने एक छात्र को पीटने से सरदार सिंह को रोक दिया था. तब से दोनों में रंजिश चली आ रही है. हास्टल वॉशआउट के बाद से नागेन्द्र हालैंड हाल में रह रहा था.

बमबाजी और फायरिंग में माहिर

सूत्रों के अनुसार वर्तमान समय में आरोपी सरदार सिंह दिल्ली शिफ्ट हो चुका है. इन दिनों वह शहर आया है

नागेन्द्र के साथियों के अनुसार सरदार साइको किस्म का युवक है

उस पर कर्नलगंज थाना समेत कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं

हिन्दू हास्टल में रहने के दौरान वह अक्सर किसी न किसी से उलझता रहता था

वह बेधड़क बमबाजी और फायरिंग में माहिर है

सनकी स्वभाव के कारण वह पुरानी रंजिश को भुला नहीं पाया और इलाहाबाद आते ही वारदात को अंजाम दे दिया

घायल के साथियों के मुताबिक सरदार ने पिस्टल से फायर किया

कुछ लोगों के गले से यह बात नहीं उतर रही कि इतनी पुरानी दुश्मनी को याद रखकर वह बाहर से आया और इविवि में घुसकर गोली मारने की हिम्मत की.

चर्चा है कि दोनों के बीच हाल फिलहाल भी जरूर कोई टशन हुई होगी

पुलिस अधिकारी मामले की तहकीकात में जुटे हैं.

1984 से अब तक ऐसा नहीं हुआ

फिलासफी डिपार्टमेंट के हेड ऋषिकांत पांडेय का कहना है कि विभाग के टीचर्स, छात्र, चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू, सुरक्षा अधिकारी आदि ने अस्पताल जाकर घायल छात्र की हालत की जानकारी ली. डॉक्टर्स ने बताया है कि छात्र की हालत खतरे से बाहर है. गोली सीधे न लगकर तिरछा निकल गयी. एचओडी ऋषिकांत पांडेय ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से कहा कि वे 1984 से विवि में पढ़ा रहे हैं. क्लास में घुसकर गोली मार देने की घटना पहली बार देखी है.

नागेन्द्र की तीन बजे से यूनिट टू की परीक्षा थी. वह आठ दस लड़कों के साथ परीक्षा से पहले क्लास में बैठकर पढ़ाई कर रहा था. दोपहर में 2:10 बजे के आसपास घटना को अंजाम देकर आरोपी भाग निकला. मैं उस समय विभाग में ही था.

ऋषिकांत पांडेय,

एचओडी फिलासफी डिपार्टमेंट

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