-ट्रेन से कटकर हुई मौत, रेलवे ट्रैक में मिला क्षत विक्षत शव

-श्रेय पैकेजिंग कम्पनी के प्रोपराइटर का बेटा था, तिलक नगर में रहता था

-परिजनों ने कुछ भी बोलने से इन्कार किया, पुलिस सुसाइड मानकर जांच कर रही

KANPUR : पनकी में एक कारोबारी के जवान बेटे की संदिग्ध परिस्थिति में ट्रेन से कटकर मौत हो गई। उसका क्षत विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। इलाकाई लोगों की सूचना पर पुलिस ने पड़ताल कर शव को पोस्टमॉर्टम भेज दिया। पुलिस ने जेब से मिले ड्राइविंग लाइसेंस से शिनाख्त कर उसके परिजनों को जानकारी दी, तो घर पर कोहराम मच गया। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे सुसाइड का केस मान रही है, लेकिन परिस्थितियां हादसे और हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। अब जांच के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा।

तिलकनगर में सुखधाम अपार्टमेंट में रहने वाले संजीव महेश्वरी श्रेय पैकेजिंग कम्पनी के प्रोपराइटर हैं। उनकी पनकी इण्डस्ट्रीयल एरिया में फैक्ट्री है। उनके परिवार में पत्नी अमिता, दो बेटे श्रेय (26), यश और बेटी मुस्कान है। जिसमें श्रेय उनके साथ फैक्ट्री में काम संभालता है, जबकि यश पढ़ाई कर रहा है। बुधवार को रोज की तरह श्रेय फैक्ट्री गया था। जहां से वो शाम को घर जाने के लिए निकला था, लेकिन वो घर नहीं पहुंचा। परेशान परिजन उसका इंतजार कर रहे थे कि पनकी एसओ ने उनको मोबाइल पर श्रेय की ट्रेन से कटकर मौत होने की जानकारी दी। जिसे सुनकर उनके घर पर कोहराम मच गया। संजीव दोस्त और रिश्तेदारों समेत मौके पर पहुंच गए। जहां बेटे का क्षत विक्षत शव देख उनके होश उड़ गए। पुलिस को रेलवे ट्रैक के पास उसकी जैकेट मिली है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम भेज दिया। इधर, उसके घर पर मां और बहन रो-रोकर बदहवास हो गई।

जैकेट उतारकर ट्रेन के आगे कूद गया

पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने श्रेय को सुसाइड करते देखा है। श्रेय रेलवे ट्रैक के पास टहल रहा था। इसी बीच ट्रैक पर ट्रेन को आते देख श्रेय जैकेट उतारकर पटरी पर चला गया। वो ट्रेन की ओर भाग रहा था। जिससे ट्रेन ने उसको चपेट में ले लिया। सवाल है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने उसको ट्रेन की ओर भागते हुए देखा तो उन्होंने उसको रोका क्यों नहीं। श्रेय रेलवे ट्रैक के पास टहल रहा था तो उसको इलाकाई लोगों ने टोका क्यों नहीं? पुलिस इस सवालों का जवाब ढूढ़ने के बजाय इसे सुसाइड मानकर जांच कर रही है।

परिस्थितियां तो कुछ और ही बयां कर रही

पुलिस प्रथम दृष्टया श्रेय की मौत को आत्महत्या का केस मान रही है, लेकिन कुछ सवालों से उसकी आत्महत्या की कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है। पुलिस को श्रेय के पास से सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस मिला है। उसका मोबाइल और कार कहां है? इस बारे में पुलिस अभी कुछ पता नहीं लगा पाई है। श्रेय के पास कार थी और वो कार से ही फैक्ट्री जाता था, लेकिन पुलिस को घटना स्थल के आसपास श्रेय की कार नहीं मिली है। अब सवाल है कि श्रेय रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचा? उसने इतनी दूर जाकर क्यों सुसाइड किया? उसने मौत का इतना भयानक रास्ता ही क्यों चुना? पुलिस के मुताबिक वो जैकेट उतारकर ट्रेन के सामने कूद गया। सवाल है कि अगर किसी को सुसाइड करना होगा तो वो जैकेट क्यों उतारेगा? इसके अलावा उसके परिजनों की चुप्पी से भी शक बयां हो रहा है।