- फेरीवालों का नहीं बन सका आईकार्ड

- आतंकी संगठनों के निशाने पर रहा है गोर2ापुर

GORAKHPUR: नेपाल बॉर्डर से सटे गोर2ापुर में संदिग्धों की आवाजाही को लेकर 2ाुफिया अलर्ट जारी किया गया है. लेकिन शहर में अंजान व्य1ितयों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर कोई इंतजाम नहीं किया जा सका है. शहर में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों का आईकार्ड तक जारी नहीं हो सका. 2ाुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बावजूद शहर में ठिकाना बनाकर सामान बेचने वालों की पड़ताल नहीं हो पा रही. पुलिस के पास संदिग्धों का कोई रिकॉर्ड न होने से 2ाुफिया तंत्र 5ाी 5ाौचक है. वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी.

दो साल पहले जारी हुआ था प्लान

आतंकी गतिविधियों संग अन्य वारदातों से निपटने के लिए संदिग्धों की पड़ताल शुरू कराई गई थी. डीजीपी हेड1वार्टर से प्रदेश 5ार में इसका अलर्ट जारी किया गया था. यह बताया गया था कि फेरी लगाकर सामान बेचने वाले, गली-मोहल्लों और कॉलोनियों में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने वाले परदेशियों सहित अन्य लोगों की जांच पड़ताल कराई जाए. थाना क्षेत्रवार उनकी तस्दीक कराकर आईकार्ड जारी किया जाए. सामान बेचने के दौरान वह गले में आईकार्ड लगाकर निकलेंगे. इससे उनके संबंध में पूरी जानकारी मिल सकेगी. थानों पर रिकॉर्ड मौजूद होने पर किसी जरूरत पर पुलिस तत्काल कॉल कर सकेगी. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे चोरी, लूट, डकैती सहित अन्य देश विरोधी गतिविधियों को रोकने में 5ाी मदद मिलेगी.

टारगेट रहा है गोर2ापुर

नेपाल बॉर्डर के रास्ते गोर2ापुर और आसपास जिलों में आतंकी गतिविधियां संचालित होती रहती हैं. नेपाल बॉर्डर से देश में घुसने के च1कर में 12 से अधिक संदिग्धों को सुरक्षा एजेंसियां पकड़ चुकी हैं. वर्ष 2007 में गोलघर में सीरियल 4लास्ट कर आतंकी संगठनों ने 2ाुली चुनौती दी थी. आईएसआई के स्लीपर माड्यूल 5ाी यहां पकड़े जा चुके हैं. एक माह पूर्व बांग्लादेश के रास्ते 10 से अधिक संदिग्धों के इंडिया में आने का अलर्ट जारी हुआ था. 2ाुफिया एजेंसियों ने बताया था कि फेरी वाले बनकर संदिग्ध अपने काम को अंजाम दे सकते हैं. इसके बावजूद किसी ने इसकी सुधि नहीं ली. सुरक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि गोर2ापुर आतंकियों के टारगेट पर रहा है. गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद कई 2ाुफिया इनपुट मिले हैं.

एयरफोर्स में घुस गया था संदिग्ध

जाड़े का मौसम होने से शहर में तमाम परदेसी गर्म कपड़ों के बिजनेस के लिए जुटते हैं. इनमें कुछ फेरी लगाकर गली-मोहल्लों में स्वेटर, शॉल और अन्य गर्म कपड़े बेचते हैं. सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े लोगों का कहना है कि एक साल पूर्व फेरी लगाने वाला एक परदेसी युवक एयरफोर्स के प्रतिबंधित एरिया में घुस गया था. उसे गिर3तार कर पुलिस ने जांच पड़ताल की. तब सामने आया कि बस्ती मंडल के एक कारोबारी संग जुड़कर वह स्वेटर बेचता है. बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया. हालांकि त5ाी से 2ाुफिया वि5ाग काफी चौकन्ना है.

26 पाकिस्तानी लापता, न हो सकी तलाश

पुलिस रिकॉर्ड के हिसाब से जिले में 26 पाकिस्तानी लापता हैं. डीजीपी हेड1वार्टर से उनकी तलाश के लिए अलर्ट जारी किया गया था. गोर2ापुर में इन लोगों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने अ5िायान चलाया था. लेकिन बाद में इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. इनके अलावा पूर्व में पकड़े गए कई संदिग्ध पुलिस को बता चुके हैं कि गोर2ापुर के रास्ते वह आसानी से अन्य जगहों पर जा सकते हैं. बॉर्डर इलाके में किसी 5ाी बहाने से छिपने की सहूलियत होती है. यह सामान बेचने वाले लोगों के रूप में 5ाी हो सकती है.

इसलिए जरूरी है जांच पड़ताल

- इंडो-नेपाल बॉर्डर पर आतंकी गतिविधियां संचालित होती रहती हैं. 5ारत में आने के च1कर में कई संदिग्धों को अरेस्ट किया जा चुका है.

- पाकिस्तान की 2ाुफिया एजेंसी आईएसआई का सॉ3ट टारगेट रहा है. गोर2ापुर और बॉर्डर इलाकों में उनके स्लीपर माड्यूल ए1िटव हैं.

- वर्ष 2007 में शहर के 5ाीतर सीरियल 4लास्ट हो चुके हैं. लेकिन मददगारों तक पुलिस और जांच एजेंसियां नहीं पहुंच सकी थीं.

- गोरखनाथ मंदिर और सीएम योगी आदित्यनाथ कई आतंकी संगठनों के निशाने पर हैं. उनकी सुरक्षा को लेकर समय-समय पर अलर्ट जारी होता है. महंत योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद से गोर2ापुर शहर की संवेदनशीलता और बढ़ गई है. नेपाल के रास्ते चीन 5ाी अपनी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है.