'जंगल बाथ' कीजिए और फिट रहिए हमेशा! जापान वाले तो यही करके मजे की जिंदगी जी रहे हैं

By: Inextlive | Publish Date: Sat 03-Jun-2017 08:28:46   |  Modified Date: Sat 03-Jun-2017 10:22:43
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'जंगल बाथ' कीजिए और फिट रहिए हमेशा! जापान वाले तो यही करके मजे की जिंदगी जी रहे हैं
‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ या कि हिंदी में कहें तो जंगल स्‍नान। यह शब्‍द आपने भले ही पहली बार सुना होगा, लेकिन बिना दवा और एक्‍सरसाइज के फिट एण्‍ड फाइन रहने के लिए जापानी लोग इसका इस्‍तेमाल तो कई दशक से कर रहे हैं। आखिर क्‍या है ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ और इसके जरिए आप अपनी जिंदगी कैसे बना सकते हैं हेल्‍दी। world environment day पर आइए जानें स्‍वस्‍थ जिंदगी जीने का नया तरीका।

नो जॉगिंग नो वर्कआउट सिर्फ ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’: जिंदगी को टेंशनफ्री, हेल्‍दी और खुशनुमा बनाने के लिए जापानियों ने इस नेचुरल विधि पर सालों रिसर्च की है। जिसमें हेवी वर्कआउट, जिमिंग और जॉगिंग के बिना भी लोगों की जिंदगी को हेल्‍दी और टेंशनफ्री बनाया जाता है। ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ में जंगल या कहें तो घने पेड़ों की पंक्‍तियों के बीच कुछ देर शांति से घूमना फिरना होता है।

जापानियों की शानदार खोज: दुनिया में पहली बार बार जापानी वैज्ञानिकों ने ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ का कॉन्‍सेप्‍ट ईजाद किया। हेल्‍थ के लिए जबरदस्‍त फायदेमंद ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ का मतलब होता है ‘जंगल यानि पेड़ों के बीच आरामदायक और शांत चहलकदमी’। ‘हेल्‍थ को लेकर जापान ने 1982 में लॉंच किया था नेशनल हेल्‍थ प्रोग्राम जिसका नाम था ‘शिनरिन योकू’ जिसका जैपनीज लैंग्‍वेज में अर्थ होता है ‘पेड़ों के आसपास ज्‍यादा समय बिताना’। इसी के अंतर्गत जापान में ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ काफी पॉपुलर है और लोग खुद को हेल्‍दी और फिट रखने के लिए जंगल में खूब घूमते हैं। जापानी वैज्ञानिकों के अनुसार फॉरेस्‍ट बाथिंग का मतलब पेड़ों की शुद्ध और साफ हवा लेना भर नहीं है, बल्‍कि पेडों के बीच से गुजरने के दौरान पेडों से निकलने वाले तमाम तरह के ऑयल और उनकी महक हमारे शरीर तक पहुंचती है। इससे हमारा शरीर तमाम तरह के कीटाणुओं और वायरस से सुरक्षित रहता है। इसके अलावा ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ से लोगों का दिल मजबूत और ब्‍लड प्रेशर नॉर्मल रहता है। टेक्‍नोलॉजी से घिरे हमारे जीवन को तनाव और स्‍ट्रेस मुक्‍त बनाने में ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ दमदार रोल प्‍ले करता है।


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ज्‍यादा चुस्‍त और एनेर्जेटिक रहने के लिए बने हैं ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ क्‍लब: वैसे तो ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ जापान के साथ साथ यूरोपियन कंट्रीज से लेकर कनाडा तक पॉपुलर होती जा रही है, लेकिन जापान की हेल्‍थ पॉलिसी का हिस्‍सा होने के कारण यहां शहरी बच्‍चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वीक में कुछ समय निकालकर ‘जंगल बाथ’ जरूर करते हैं। इसे प्रमोट करने के लिए जापान में तमाम ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ क्‍लब भी बन गए हैं। यहां के लोगों को मानना है कि ऐसा करने से उनका तनाव कम रहता है और ज्‍यादा चुस्‍ती फुर्ती के साथ वो ज्‍यादा खुश महसूस करते हैं। world environment day पर आप भी जंगलो से सीखिए हेल्‍दी जिंदगी।

 

 

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तो जनाब आप क्‍या सोच रहे हैं। तरीका भले ही जापानियों का है, लेकिन अपने इंडिया में कौन सा जंगलों और पेड़ों की कमी है। फिर देर किस बात की, चलिए हम भी जरा लेते हैं ‘फॉरेस्‍ट बाथिंग’ का मजा।

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