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मेजबान की ही आलोचना कर गया मेहमान

By: Inextlive | Publish Date: Sat 14-Jan-2017 07:41:20
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मेजबान की ही आलोचना कर गया मेहमान

BHU के एक सेमिनार में शिरकत करने आये कनेडियन राइटर तारिक फतेह ने किया ट्वीट

लगाया अरोप, कार्यक्रम असफल करने की वीसी ने की कोशिश

VARANASI

पाकिस्तान मूल के कनेडियन राइटर तारिक फतेह अपने बेबाक अंदाज को लेकर खासे फेमस हैं। शुक्रवार को तारिक बीएचयू में थे। यहां राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित 'भारत एवं दक्षिण एशिया : समस्या व समाधान' विषयक सेमिनार में शामिल होने आये और यहां से जाने के बाद उन्होंने एक नया हंगामा खड़ा कर दिया। सेमिनार के बाद उन्होंने एक ट्वीट किया कि बीएचयू के वीसी प्रो गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने उनके कार्यक्रम को असफल करने की कोशिश की। ऑडिटोरियम की बुकिंग रद करने का प्रयास किया गया और स्टूडेंट्स को उनके कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया।

आयोजकों की अटकी सांस

तारिक के ट्वीट के तुरंत बाद ही ट्वीटर पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गयी। कुछ ने वीसी के पक्ष में तो कुछ ने तारिक के समर्थन में अपनी बातें कहीं। इधर आयोजकों की सांसें अटक गयी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि तारिक ने इस तरह का ट्वीट कर दिया। तकरीबन ब्0 मिनट तक उनका भाषण हुआ और उसके बाद उन्होंने स्टूडेंट्स से बातचीत भी की। फिर जाने के थोड़ी ही देर बाद इस तरह ट्वीट बीएचयू एडमिनिस्ट्रेशन के लिए भी बड़ा अचंभे भरा था। सिर्फ ट्वीट ही नहीं तारिक ने कार्यक्रम की कुछ फोटोज भी शेयर कीं। हालांकि आयोजकों ने इस तरह की किसी भी तरह की बात से इंकार किया है। आयोजक प्रो कौशल किशोर मिश्रा ने कहा कि सेमिनार के आयोजन में बीएचयू एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से उन्हें पूरा सहयोग था।

मुल्लाओं का ईस्लाम खतरनाक

अपने चिरपरिचित अंदाज में तारिक फतेह ने सेमिनार में कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना होगा। मुल्लाओं से ईस्लाम को खतरा है। अल्लाह का इस्लाम ही असली इस्लाम है। कश्मीर मसले पर बोले कि यह तो भारत का है ही। सिंध और बलूचिस्तान के बारे में सोचने की जरूरत है। मुस्लिम महिलाओं के तलाक के बाबत कहा कि जब मौलवियों की बीवियां तलाक देने लगेंगी तो उनकी अक्ल ठिकाने आने लगेगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्लाम किया जा रहा है। राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, एबीवीपी के आलोक, मनोज दीक्षित, राकेश मंजुल आदि ने भी विचार रखे। सेमिनार का संचालन प्रो कौशल किशोर मिश्रा ने किया।

वीसी को है अधिकार

हालांकि किसी भी यूनिवर्सिटी का वीसी वहां का सवेसर्वा होता है। यूनिवर्सिटी में होने वाले किसी भी कार्यक्रम को वह रोक सकता है।

वर्जन वीसी

अगर उन्हें बीएचयू के व्यवस्था की जानकारी होती तो इस तरह की टिप्पणी नहीं करते। दूसरी बात मुझे तारिक के किसी भी कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। इस तरह के दर्जनों कार्यक्रम बीएचयू में रोज होते रहते हैं। जब मुझे उनके आने की जानकारी ही नहीं थी तो मैं कैसे उनके कार्यक्रम को असफल करने की कोशिश कर सकता हूं।

प्रो जीसी त्रिपाठी, वीसी बीएचयू

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