आगरा मेडिकल कॉलेज में बोले मरीज, हमारा नहीं पहले बंदरों करो इलाज

By: Inextlive | Publish Date: Thu 15-Feb-2018 06:37:14   |  Modified Date: Thu 15-Feb-2018 06:43:24
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आगरा मेडिकल कॉलेज में बोले मरीज, हमारा नहीं पहले बंदरों करो इलाज
आगरा के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र एसएन मेडिकल कॉलेज में बंदरों के आतंक की समस्या ने मरीज को इलाज बीच में छोड़ भागने को मजबूर कर दिया है. वहां बंदरों के चलते इलाज बीच में छोड़ रहे मरीज. इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने जिला प्रशासन को लिखा लैटर, तत्काल निदान की मांग.

आगरा. आगरा के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र एसएन मेडिकल कॉलेज में बंदरों के आतंक की समस्या ने मरीज को इलाज बीच में छोड़ भागने को मजबूर कर दिया है. यहां बंदरों का आतंक इस हद तक हो गया है कि बंदर वार्ड में घुसकर मरीजों की दवाइयां, फल या अन्य खाने का सामान छीन कर ले जाते हैं. अस्पताल प्रशासन ने बंदरों की समस्या से निजात पाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम को पत्र लिखकर भेजा है.

 

मेडिसिन विभाग में हालात गंभीर

बंदरों के आतंक से सबसे ज्यादा पुरानी सर्जरी बिल्डिंग में चल रहे मेडिसिन विभाग प्रभावित है. बिल्डिंग में 50-60 बंदरों की टोली ने मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों की नाक में दम किया हुआ है. यहां बंदरों का दखल इस हद तक बढ़ गया है कि वार्ड में बेखौफ घुसकर मरीजों का सामान झपट ले जाते हैं. बंदरों से निपटने के लिए मरीजों और तीमारदारों को लाठी-डंडे साथ लेकर रहना पड़ रहा है.

 

इलाज छोड़कर जा रहे मरीज

विभाग में बंदरों की समस्या का आलम यह है कि मरीज अब बंदरों के आतंक के कारण अपना इलाज बीच में छोड़कर प्राइवेट अस्पतालों की ओर जा रहे हैं. दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट की टीम जब वार्ड में पहुंची और कुछ मरीजों से बातचीत की तो उन्होंने भी अपना इलाज कहीं और कराने की बात कही.

 

बंदरों से डॉक्टर भी त्रस्त

अस्पताल में सिर्फ मरीज ही नहीं डॉक्टर भी बंदरों की समस्या से त्रस्त हैं. दो महीने पहले रेडियोथेरेपी विभाग की एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को बंदर ने काट लिया था. बंदर के काटने के बाद डॉक्टर के इलाज में व्यय धनराशि तक अस्पताल प्रशासन क्लेम नहीं कर पाया. आए दिन कोई न कोई डॉक्टर बंदर के शिकार हो जाते हैं.