देहरादून: चोर मस्त, पुलिस पस्त और पब्लिक त्रस्त

By: Inextlive | Publish Date: Wed 11-Oct-2017 04:13:48   |  Modified Date: Wed 11-Oct-2017 04:15:20
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देहरादून: चोर मस्त, पुलिस पस्त और पब्लिक त्रस्त
दून में ताबड़तोड़ चोरी और लूट के बढ़ रहे मामले पुलिस ने किए कई मामलों का खुलासा, लेकिन अपराध पर नहीं लग पा रही रोक

amit.raturi@inext.co.in

DEHRADUN: वारदातों से महफूज रहने वाली शिक्षा की नगरी दून में जुर्म अपनी दस्तक पूरी तरह से दे चुका है. लूट, चोरी और नशे के अवैध कारोबार में दिन ब दिन इजाफा हो रहा है. इस बात की तस्दीक राजधानी में हुई ताबड़तोड़ चोरी और लूट की घटनाएं कर रही हैं. पुलिस मामलों का खुलासा तो करती है लेकिन घटनाओं पर कब नियंत्रण हो पाएगा, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है.

2017 में अभी तक के मामले

चोरी-170, 100 का खुलासा, 150 गिरफ्तार.

लूट- 27 मामले, 62 नामजद और 60 गिरफ्तार.

ठगी- 246 मामले, 128 अभियुक्त गिरफ्तार.

 

दून एजुकेशन हब के साथ ही अब क्राइम हब भी बनने लगा है. अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह पुलिस पिकेट के पास ही स्थित दुकानों और घरों के ताले चटका दे रहे हैं. कह सकते हैं कि राजधानी में चोर मस्त, पुलिस पस्त और पब्लिक त्रस्त हो चुकी है. कहीं न कहीं पब्लिक भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है. हॉल ही में तीन चोरियां राजधानी में पुलिस थानों से महज फ्0 से ब्0 मीटर की दूरी पर हुई हैं. जिनका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है.

 

 

घर को छोड़कर जाना अब खतरे से खाली नहीं है. पुलिस थानों के पास ही चोर जब घटना को अंजाम दे सकते हैं तो अन्य इलाकों में घरों को कैसे महफूज समझा जाए.

प्रीतम बुटोला

 

 

चोरी और लूट में पकड़े गए अभी तक के आरोपियों में से कुछ आरोपी बाहरी राज्यों के हैं. ऐसे लोगों के सत्यापन के दौरान सख्ती से जांच होनी चाहिए.

धर्म राणा

 

आए दिन चोरी की वारदातों से स्थानीय लोग सहम से गए हैं. चोरों में अब पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा. जो आए दिन लूट, चोरी और ठगी की वारदातें बढ़ती ही जा रही हैं. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है.

अनामिका सकलानी

 

वारदात का होना और पुलिस का खुलासा करना कोई बड़ी बात नहीं है. घटनाओं पर अंकुश न लगाना सबसे अधिक संवेदनशील मामला है. जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.

मोनिका

 

थाना चौकियों के पास चोरियों होना शर्मनाक बात है. क्या उस दौरान वहां पुलिस मौजूद नहीं होती या फिर पुलिस को सबकुछ पता होते हुए भी कुछ नहीं करती. ऐसे कई सवाल अब पुलिस पर उठने लगे हैं.

जेपी भट्ट

 

पुलिस को जनता के बीच आपसी सामांजस्य बनाने की आवश्यकता है. नई गाइडलाइन तैयार कर पुलिस को बढ़ती वारदातों के प्रति गंभीर होना पड़ेगा. नहीं जो ऐसे में बढ़ रहे अपराधों के चलते वो दिन दूर नहीं जब दून में घूमना भी लोगों के लिए मुश्किल हो जाएगा.

किशन सिंह कोरंगा

 

इनकी भी सुनिए

राजधानी में पहले की अपेक्षा अपराधों पर अंकुश लगा है. इसके अलावा कई घटनाओं का खुलासा भी पुलिस ने किया है. अपराधों पर नियंत्रण लग सके इसके लिए गाइड लाइन तैयार की जा रही है. अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैं.

अशोक कुमार, एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर