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..तो टिकट में तवज्जो पाएंगे बागियों के करीबी

By: Inextlive | Publish Date: Fri 02-Dec-2016 07:41:44
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साथ में डटे रहने वाले नेताओं पर पार्टी का सकारात्मक रूख

- महाराज, बहुगुणा, हरक के साथ न जाने वाले कई हैं टिकट के दावेदार

- संकट के वक्त पार्टी के साथ रहने वालों का पूर्व में किया गया सम्मान

DEHRADUN: विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में मारामारी मची हुई है। पार्टी नेतृत्व अपने स्तर पर सारी स्थितियों का आंकलन कर रहा है। टिकट पर पत्ते नहीं खुले हैं। इन स्थितियों के बीच, पार्टी का उन दावेदारों पर सकारात्मक रूख दिखाई दे रहा है, जिन्होंने कठिन वक्त में कांग्रेस का साथ दिया। खास तौर पर वे कांग्रेसी नेता, जो कि पार्टी से बगावत करके बीजेपी में गए पूर्व विधायकों के करीबी माने जाते थे.

कौन करीबी, कहां से दावेदार

कैंट सीट

- देहरादून जिले की इस सीट के लिए सबसे ज्यादा उम्मीदवार हैं। बीजेपी के वर्चस्व वाली इस सीट पर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के नजदीकी सूर्यकांत धस्माना और हरक सिंह रावत के करीबी रहे दीप वोहरा दावेदार हैं.

धनोल्टी सीट

- टिहरी जिले की इस सीट पर कांग्रेस और पीडीएफ के रिश्तों की गांठ भी फंसी हुई है। विजय बहुगुणा के करीबी मनमोहन मल्ल दावेदार है। पिछले चुनाव में वह कांग्रेस प्रत्याशी थे.

लैंसडौन सीट

- पौड़ी जिले की इस सीट पर पिछली बार हरक सिंह रावत की करीबी ज्योति रौतेला कांग्रेस प्रत्याशी थीं। हरक के साथ उन्होंने बीजेपी में जाना गंवारा नहीं किया। इस बार भी टिकट के लिए उन्होंने आवेदन किया है.

रुद्रप्रयाग सीट

इस सीट से ही हरक सिंह रावत विधायक थे। उनके करीबी पार्टी के रुदप्रयाग जिलाध्यक्ष प्रदीप थपलियाल अब भी कांग्रेस में हैं। उन्होंने भी इस बार टिकट के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने आवेदन किया है.

मिली है पार्टी के भीतर तरजीह

पहले ख्0क्ब् में सतपाल महाराज और फिर मार्च ख्0क्म् में विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत समेत 9 विधायकों के बीजेपी ज्वाइन करने के बाद कांग्रेस के कई विधायकों की निष्ठाओं पर शंका की गई। इनमें गणेश गोदियाल, प्रो.जीतराम, विजयपाल सिंह सजवाण, राजेंद्र भंडारी, एपी मैखुरी, राजकुमार जैसे कई नाम शामिल हैं। मगर ये सभी कांग्रेस में डटे रहे और इस वजह से उनका सम्मान पार्टी में बढ़ा.

- जिन लोगों ने कठिन वक्त में कांग्रेस का साथ दिया है, उनका सम्मान पहले भी किया गया है और आगे भी किया जाएगा। जहां तक टिकट का सवाल है, यह पार्टी नेतृत्व को तय करना है। पार्टी के प्रति ईमानदार रहने वाले हर व्यक्ति के लिए यहां अपार संभावनाएं हैं.

- मथुरा दत्त जोशी, मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस.

inextlive from Dehradun News Desk

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