पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ एक करोड़ का ईनामी नक्सली 'सुधाकरण'

By: Inextlive | Publish Date: Fri 09-Feb-2018 02:48:48   |  Modified Date: Fri 09-Feb-2018 02:53:35
A- A+
पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ एक करोड़ का ईनामी नक्सली 'सुधाकरण'
बूढ़ा पहाड़ से टॉप माओवादी कमांडर दस्ते के साथ नीचे उतरा । सुधाकरण की पत्नी नीलिमा, अरविंद जी, विश्वनाथ उर्फ संतोष, बिरसायी उर्फ उमेश गंझू गुमला व गया की ओर निकले।

RANCHI (8 Feb): बूढ़ा पहाड़ पर एक तरफ जहां पुलिस बड़े अभियान का प्लान बना रही, वहीं दूसरी तरफ जानकारी के अनुसार एक करोड़ का ईनामी नक्सली सुधाकरण और उसके सहयोगी बूढ़ा पहाड़ से नीचे उतर चुके हैं. झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर मौजूद बूढ़ा पहाड़ इलाके से टॉप माओवादी कमांडर भाग गए हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये टॉप माओवादी कमांडर अपने दस्ते के साथ गुमला और बिहार के गया की तरफ भाग गए हैं. एक करोड़ के ईनामी सुधाकरण के साथ उसकी पत्नी नीलिमा और सहयोगी विश्वनाथ उर्फ संतोष भी शामिल हैं. नीलिमा और विश्वनाथ भी 25 लाख के ईनामी हैं

 

पुलिस चौकसी के बावजूद भागे नक्सली

सबसे हैरत की बात तो यह है कि बूढ़ा पहाड़ के आसपास के इलाकों को 500 से अधिक जवानों ने घेर रखा है. इसके बावजूद बड़े नक्सलियों को उनके कैडर बड़े ही आराम से निकाल ले गए. बूढ़ा पहाड़ के इलाके में एक करोड़ के ईनामी माओवादी अरविन्द, सुधाकरण, छोटू खरवार, नवीन यादव, संदीप यादव समेत कई टॉप माओवादियों की गतिविधियों की जानकारी राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पुलिस को मिल रही है.

 

सारंडा जाने की फिराक में सुधाकरण

बूढ़ापहाड़ से निकल कर गुमला के इलाके में गए माओवादी सारंडा इलाके में जाने की फिराक में हैं. नाम का खुलासा नहीं करने पर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल सुधाकरण और उसके साथ चल रहे नक्सलियों का लोकेशन गुमला में मिल रहा है. जबकि ग्रुप में शामिल कई दूसरे नक्सलियों का लोकेशन लातेहार मिल रहा है.

 

 

माओवादी संगठन में फेरबदल

बूढ़ा पहाड़ से नीचे आने के बाद सुधाकरण और अरविन्द जी ने संगठन में कई फेरबदल भी किए हैं. इसमें भाकपा माओवादी संगठन में कोयलशंख जोन में सक्रिय बिरसायी उर्फ उमेश गंझू का कद छोटा कर दिया गया है. स्पेशल एरिया कमेटी(सैक) के सदस्य बिरसायी को रीजनल कमेटी मेंबर बना दिया गया है.

 

अगस्त से था टॉप माओवादियों का जमावड़ा

बूढ़ा पहाड़ इलाके में अगस्त 2017 से बिहार-झारखण्ड के टॉप माओवादियों का जमावड़ा था. इस इलाके में माओवादियों के बिहार-झारखंड, उत्तरी छतीसगढ़ स्पेशल एरिया कमेटी की बैठक भी हुई थी. पुलिस और सुरक्षाबलों ने सितंबर-अक्तूबर में बड़ा अभियान शुरू किया था. इस दौरान बूढ़ा पहाड़ इलाके में कई पुलिस कैंप भी स्थापित किए गए थे.

 

नक्सलियों के खिलाफ पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है. पुलिस और सीआरपीएफ की टीम बूढ़ा पहाड़ को घेरे हुए है. पुलिस नक्सलियों के खात्मे पर तुली है. सूचना के मुताबिक, नक्सली झारखंड छोड़कर कहीं नहीं गए हैं. सुरक्षा बल उनकी तलाश कर रहे हैं.

 

-आरके मल्लिक, एडीजी, अभियान सह प्रवक्ता

झारखंड पुलिस