बीबीसी संवाददाता स्टीव किंगस्टोन ने बताया है कि अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि ये मरीन सैनिक कहाँ हैं। लेकिन कुछ रिपोर्टों के मुताबिक़ नॉर्थ कैरोलिना में इस यूनिट का केंद्र है।

अमरीकी मीडिया के मुताबिक़ ये यूनिट सेकेंड मरीन रेजिमेंट की थर्ड बटालियन की है। इस बटालियन को इराक़, अफ़ग़ानिस्तान और ग्वांतानामो बे से लेकर इडाहो में लगी आग को बुझाने के लिए भी लगाया गया था।

सीएनएन ने ख़बर दी है कि इस यूनिट को वर्ष 2011 में अफ़ग़ानिस्तान में तैनात किया गया था और सितंबर या अक्तूबर में इस यूनिट की वापसी भी हो गई थी।

अमरीकी मरीन के एक प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट जोसेफ़ प्लेंज़लर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि वे अभी मरीन सैनिकों के नाम नहीं जारी कर सकते क्योंकि मामले की जाँच हो रही है।

इस बीच अमरीका के रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने कहा है कि वो वीडियो, जिसमें ये प्रतीत होता है कि अमरीकी सैनिक तालिबान लड़ाकों के शव पर पेशाब कर रहे हैं, पूर्ण रूप से निंदनीय है। उन्होंने कहा है कि इस वीडियो में दिखने वाले सैनिकों को पूरी तरह ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।

इंटरनेट पर जारी किए गए इस वीडियो में कथित रूप से अमरीकी मरीन सैनिकों को तालिबान लड़ाकों के शवों पर पेशाब करते दिखाया गया है। इनमें से एक तालिबान लड़ाके का शव ख़ून से लथपथ दिखाया गया है। ये वीडियो कहाँ का है, ये नहीं पता चला है और ये भी नहीं पता चला है कि किसने ये वीडियो फ़िल्माया था।

रक्षा मंत्री पनेटा ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी और नेटो सेना के कमांडर जनरल जॉन एलेन को इस घटना की जाँच के आदेश दिए हैं। आलोचना

एक बयान में पनेटा ने कहा है कि उन्होंने वीडियो फुटेज देखा है और उन्होंने इस बारे में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से भी बात की है।

हामिद करज़ई ने इस घटना की आलोचना की है। उन्होंने कहा, "मैं अमरीकी सैनिकों के व्यवहार की कड़ी निंदा करता हूँ। अमरीकी सैनिकों का ये व्यवहार पूर्ण रूप से अनुचित है."

इस वीडियो के सामने आने के बाद चारों ओर से इसकी आलोचना हो रही है। पेंटागन का कहना है कि वो इस वीडियो की प्रामाणिकता की जाँच कर रहा है, लेकिन साथ ही उसने ये भी कहा है कि इसके कोई संकेत नहीं हैं कि ये वीडियो सही नहीं है।

एक संवाददाता सम्मेलन में अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी इस वीडियो पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि वे रक्षा मंत्री पनेटा की बात से सहमत हैं कि ये व्यवहार अमरीकी सैनिकों के मानदंडों से अलग है।

नाराज़गी

अफ़ग़ानिस्तान में क़रीब 20 हज़ार अमरीकी मरीन सैनिक तैनात हैं। इनमें से ज़्यादातर मरीन सैनिक कंधार और हेलमंद प्रांत में हैं। अफ़ग़ानिस्तान में कुल मिलाकर 90 हज़ार अमरीकी सैनिक हैं।

इस बीच तालिबान के प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ अहमदी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि ऐसा पहली बार नहीं है कि अमरीकियों ने ऐसा 'जंगली व्यवहार' किया है। उन्होंने कहा कि अमरीकियों पर तालिबान का हमला जारी रहेगा।

लेकिन एक अन्य तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि इस वीडियो के सामने आने के बावजूद बातचीत और क़ैदियों की अदला-बदली पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान की एक सांसद फ़ौज़िया कोफ़ी ने कहा है कि तालिबान के प्रति आम अफ़ग़ानियों की भावना कैसी भी हो, वे इस वीडियो से नाराज़ होंगे।

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