LUCKNOW (10 Jan): महज 633 रुपये में यूपी 100 प्रदेश भर में एक आपातकालीन घटना निस्तारित करनें में सफल रही है. यूपी 100 के पहले स्थापना दिवस पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, स्थापना के बाद पहले साल 47 लाख से ज्यादा आपातकालीन घटनाओं को निस्तारित किया गया. शहीद पथ स्थित यूपी 100 मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी आईटेक्स यूपी-100 आदित्य मिश्र ने प्रदेश भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया. इसक साथ ही बरेली में समय रहते टूटी रेल पटरी की सूचना देकर बड़े हादसा होने से बचाने वाले सूचनाकर्ता को बेस्ट कॉलर का अवार्ड दिया गया. एडीजी मिश्र ने बताया कि स्थापना के बाद समय के साथ यूपी 100 का रिस्पॉन्स टाइम लगातार सुधर रहा है. इसे और भी कम करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

फैक्ट फाइल

- 300 करोड़ रुपये का है यूपी 100 सालाना बजट

- 47 लाख से ज्यादा आपातकालीन घटनाओं को निस्तारित किया गया

- 1.25 लाख लोगों ने कॉल कर पुलिस मदद मांगी

- 47.39 लाख आपातकालीन घटनाओं को मौके पर पहुंचकर किया निस्तारित


यूपी 100 एक घटना निस्तारित करने में खर्च करती है सिर्फ 633 रुपए

हर रोज 1.25 लाख कॉल्स

एडीजी आदित्य मिश्र ने बताया कि आपातकाल में मदद के लिये प्रदेश की जनता ने यूपी 100 पर जमकर भरोसा किया है. यही वजह है कि स्थापना के पहले साल हर रोज औसतन 1.25 लाख लोगों ने कॉल कर पुलिस मदद मांगी. उन्होंने बताया कि यूपी 100 को संचालित करने का सालाना बजट 300 करोड़ रुपये है, इस बजट से मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम को संचालित करने, पीआरवी गाडिय़ों के डीजल, उनके वेतन व अन्य संसाधन में खर्च किया जाता है. उन्होंने बताया कि पहले साल यूपी 100 के पीआरवी वाहनों ने समय पर पहुंचकर 47.39 लाख आपातकालीन घटनाओं को निस्तारित किया. यह संख्या दुनियाभर में यूपी 100 को आपातकालीन सेवा प्रदाताओं में से एक बनाती है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2015 से एंबुलेंस (108) और फायर (101) सेवाओं के एकीकरण के साथ हर रोज करीब 1500 जरूरतमंदों को मेडिकल सुविधा भी पहुंचाई जा रही है।

उत्कृष्ट कार्य वाले कर्मी सम्मानित

इस मौके पर एडीजी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली यूनिटों व कर्मियों को सम्मानित किया. उत्कृष्ट रिस्पॉन्स टाइम 14.59 मिनट के साथ प्रथम पुरस्कार गाजियाबाद यूनिट को, दूसरा पुरस्कार 16.06 मिनट मुजफ्फरनगर को और तीसरा पुरस्कार 16.28 मिनट के साथ गौतमबुद्धनगर को दिया गया. इसी तरह लखीमपुर खीरी की पीआरवी 2854 को साल में सर्वाधिक बार पीआरवी ऑफ द डे मिला. जिला झांसी की पीआरवी 0366 को द्वित्तीय और मिर्जापुर की पीआरवी 1087 को तृतीय पुरस्कार दिया गया. इसी तरह गौतमबुद्धनगर की पीआरवी 1850 ने साल भर में 4902, इटावा की पीआरवी 1619 ने 4610 व कानपुर नगर की पीआरवी 0431 ने 4535 घटनाओं में पहुंचकर जनता की मदद की. इन सभी पीआरवी को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. मुख्यालय स्तर पर सूचना को संबंधित पीआरवी तक पास करने में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली महिला कॉन्सटेबल अपर्णा चौहान ने प्रथम, गीता वर्मा को द्वित्तीय और एचओ राकेश शुक्ला को तृतीय स्थान प्राप्त किया।

चुने गए बेस्ट कॉलर्स

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के साथ समय रहते यूपी 100 को सूचना देकर घटना को होने से बचाने वाले सूचनाकर्ताओं को बेस्ट कॉलर्स का सम्मान दिया गया. बरेली में रेलवे ट्रैक टूटे होने की सूचना देकर बड़ा ट्रेन हादसा टालने में मदद करने वाले हरविंदर सिंह, रायबरेली से अपहरण की सूचना देकर किडनैप किये गए शख्स को बचाने में मदद करने वाले शुभम और एक शख्स के सुसाइड करने की सूचना देकर उसे बचाने में मदद करने वाले प्रणव शुक्ला को बेस्ट कॉलर के अवार्ड से सम्मानित किया गया।

अनुभव बताओ, यूपी 100 में आने का मौका पाओ

एडीजी आदित्य मिश्र ने बताया कि यूपी 100 सोशल मीडिया और रेडियो पर एक खास कैंपेन करने जा रही है. #WhenICalledUP100 के तहत रेडियो सुनने वाले और सोशल मीडिया का प्रयोग करने वाले यूपी 100 से जुड़ी अपनी यादें साझा कर सकते हैं. तीन बेहतरीन अनुभवों को साझा करने वालों को 28 जनवरी को यूपी 100 मुख्यालय पर आमंत्रित करने के अलावा एक पीआरवी के साथ कुछ घंटे गुजारकर उसकी कार्यप्रणाली देखने का मौका दिया जाएगा।

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