-माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रभावी ढंग से नकल पर रोक का दिया निर्देश

-सेंटर लेवल पर आंतरिक दस्ता के अलावा गठित होंगे पर्याप्त फ्लाइंग स्क्वॉड

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VARANASI

यूपी बोर्ड ने छह फरवरी से शुरू होने वाले दसवीं व बारहवीं के एग्जाम में नकल रोकने के लिए कमर कस ली है. इस साल एग्जाम में नकल रोकने के लिए पर्याप्त फ्लाइंग स्क्वॉड बनाने का डिसीजन लिया है, ताकि डेली सभी सेंटर्स पर कड़ी नजर रखी जा सके. वहीं नकल में लिप्त होने पर अब परीक्षार्थियों के साथ-साथ इनविजलेटर, केंद्र व्यवस्थापकों व कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. अवध नरेश शर्मा ने सभी डीआईओएस को विस्तृत गाइड लाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि मेन सब्जेक्ट के एग्जाम में फ्लाइंग स्क्वॉड को विशेष निर्देश दिया जाये. साथ ही संवेदनशील केंद्रों पर एक दिन में कई बार इंस्पेक्शन किया जाये. अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम-1998 के दायरे में इनविजलेटर व केंद्र व्यवस्थापक भी आते हैं. ऐसे में टीचर्स व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी संस्तुति की जाये.

नयी टेक्निक पर लगे लगाम

बोर्ड डायरेक्टर ने नकल की नई विधा पर भी अंकुश लगाने का निर्देश दिया है. लेटर में कहा गया है कि एग्जाम में नकल रोकने के लिए तमाम प्रकार के उपाय किए जाते हैं. इसके बावजूद परीक्षार्थी नकल की नई टेक्निक खोज लेते हैं. ऐसे में नकल के लिए नई टेक्निक का प्रयोग न हो सके. इस पर भी प्रभावी रोक लगाने की जरूरत है. इसे रोकने के लिए सेंटर लेवल पर आंतरिक निरीक्षण दस्ता गठित करने का निर्देश दिया गया है. ताकि परीक्षार्थियों की गेट पर ही व्यापक जांच-पड़ताल की जा सके. कुछ लोग क्वैश्चन पेपर को सॉल्व करने परीक्षा भवन में पहुंचने का प्रयास करते हैं. ऐसे में अनाधिकृत रूप से सेंटर्स पर लोगों की एंट्री हर हाल में रोकने की व्यवस्था की जाये.

क्वैश्चंस पेपर की रेंडम चेकिंग

क्वैश्चंस पेपर की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पेपर के पैकेट सील की रेंडम चेकिंग करने का निर्देश भी दिया गया है. खासतौर पर संवेदनशील सेंटर्स पर एग्जाम आरंभ होने के एक घंटा पहले फ्लाइंग स्क्वॉड की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है.