UP बोर्ड में स्वकेंद्र प्रणाली इस बार हो जाएगी खत्म

By: Inextlive | Publish Date: Mon 09-Oct-2017 04:37:08   |  Modified Date: Mon 09-Oct-2017 04:41:44
A- A+
UP बोर्ड में स्वकेंद्र प्रणाली इस बार हो जाएगी खत्म
- नकल कराते पकड़े जाने वाले सेंटर्स पर लगेगा अर्थदंड - एंटी कॉपिंग एक्ट के तहत होगी नकल माफिया पर कार्रवाई

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW :

यूपी बोर्ड 2018 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड एग्जाम में इस बार नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. एग्जाम के दौरान जो भी नकल कराते पाया जाएगा उसके खिलाफ शिक्षा अधिनियम और एंटी कॉपिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. बीते दिनों डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस पर सहमति बनने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं. महत्वपूर्ण है कि अब बोर्ड एग्जाम में स्वकेंद्र प्रणाली खत्म की जाएगी.

 

ये बनेंगे सेंटर

डीआईओएस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नकल विहीन एग्जाम के लिए वही स्कूल सेंटर बनाए जाएं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे हों. कुर्सी-मेज, पेयजल, बिजली आदि की समुचित व्यवस्था भी हो. इसके अलावा एग्जाम केंद्र से 200 मीटर की परिधि में केवल एग्जाम संचालन से जुड़े कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति हो. एग्जाम के दौरान जिस सेंटर पर आपत्तिजनक गतिविधियां पाई गई तो संबंधित केंद्र को डिबार करने के साथ-साथ उस पर अर्थदंड व मान्यता प्रात्याहरण की कार्यवाही की जाएगी.

 

व्यवस्था खत्म

यूपी बोर्ड में अब स्वकेंद्र एग्जाम नहीं होंगे. माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से यह जानकारी दी गई है. अभी तक स्वकेंद्र की व्यवस्था उन स्टूडेंट्स को दी जाती रही है, जिनका स्कूल एग्जाम सेंटर बनता है. बाकी स्कूल की छात्राओं का सेंटर दूसरी जगह भेजा जाता है.

 

डीआईओएस करेंगे निरीक्षण

इस समय बोर्ड के निर्देश पर इन कॉलेजों का स्थलीय निरीक्षण कराया जा रहा है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक ऑनलाइन सेंटर निर्धारण की सफलता डीआईओएस द्वारा किए जाने वाले स्थलीय सत्यापन की गुणवत्ता पर निर्भर है. इसलिए किसी अन्य अधिकारी की जगह डीआईओएस को खुद ही इनका सत्यापन करना होगा.

 

नकल का मकड़जाल

राजधानी में यूपी बोर्ड एग्जाम में नकल का काफी खेल चलता है. नकल कराने के लिए लाखों का ठेका लिया जाता है. कक्ष निरीक्षकों की डयूटी में भी खेल किया जाता है. पिछले कई एग्जाम में विषय विशेषज्ञ के रूप में कक्ष निरीक्षक पकड़े जा चुके हैं लेकिन उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई.

 

एक साथ एग्जाम नहीं

साल 2018 के एग्जाम में इंटरमीडिएट स्तर पर हिन्दी सामान्य व हिन्दी साहित्य की परीक्षा एक साथ नहीं होगी. इससे एक तिहाई सेंटर्स कम हो जाएंगे. इसलिए निर्देश दिए गए हैं कि अवस्थापना सुविधाओं से युक्त स्कूल को ही सेंटर बनाया जाए.