लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पांच साल में 70 लाख युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार दिलवाएगी। इस साल 26 आइटीआइ खोले जाएंगे। इनमें 17500 छात्रों को प्रवेश मिलेगा।

शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'विश्व कौशल दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का कौशल बढ़े इसके लिए सरकार अगले पांच साल में 15 हजार आइटीआइ खोलेगी। पहले चरण में हर तहसील और दूसरे में हर ब्लाक में आइटीआइ खोले जाएंगे। योगी ने कहा कि भारत अगर युवाओं का देश है तो सर्वाधिक आबादी के नाते उप्र में ही सर्वाधिक युवा हैं। कौशल विकास के जरिये पसंद के अनुसार प्रशिक्षण के जरिये युवा हुनरमंद बन जाएं तो वे प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया के लिए संसाधन होंगे। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। कृषि, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, क्षेत्र के विशेष के कुटीर उद्योगों और सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। इनको ध्यान में रखते हुए सरकार कौशल विकास के कार्यक्रम चलाएगी। योगी ने इस मौके पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की पुस्तिका का विमोचन, मोबाइल एप का भी शुभारंभ और प्रशिक्षण के बाद रोजगार पाने वालों को नियुक्तिपत्र दिया। 101 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया।

हर घर से एक युवा को हुनरमंद  बनाएगी सरकार: चेतन चौहान
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि प्रदेश के सिर्फ 10 फीसद युवा ही किसी विधा में दक्ष हैं। हर परिवार से एक युवा को उसकी पसंद के क्षेत्र में दक्ष बनना सरकार का लक्ष्य है।

हुनरमंद बनें रोजगार आपके घर आएगा: केशव मौर्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि युवा हुनरमंद बनें, रोजगार देने वाले आपके घर आएंगे। प्रधानमंत्री ने युवाओं का कौशल बढ़ाने की जो शुरुआत की थी, उसे योगी सरकार तेजी से आगे बढ़ा रही है। युवा इसका लाभ लें।

 

पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगा कौशल विकास: डॉ. दिनेश शर्मा
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कौशल विकास बेसिक शिक्षा से ही पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। युवा नौकरी को ही जीवन का लक्ष्य न बनाएं। दक्षता बढ़ाकर खुद उद्यमी बनकर औरों को रोजगार देने लायक बनें। इसके लिए सरकार हर कदम पर अपनी योजनाओं के जरिये मदद देने को तैयार है। कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री सुरेश पासी, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, राज्य मंत्री मोहसिन रजा, सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास भुवनेश कुमार और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

भीलवाड़ा की कपड़ा मिल चार साल में देगी 26 हजार रोजगार
इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग और राजस्थान स्पिनिंग एवं वीविंग मिल्स भीलवाड़ा के बीच एक सहमतिपत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। कंपनी चार साल में 26 हजार युवाओं को प्रशिक्षित कर इनको रोजगार देगी। मुख्यमंत्री ने इस पहल को सराहा, कहा कि यहां की मिलों से भी ऐसे  करार होने चाहिए।

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