हाईकोर्ट की ओर बढ़ रहे छात्रों से कांपा प्रशासन

By: Inextlive | Publish Date: Sat 13-Jan-2018 07:00:19
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हाईकोर्ट की ओर बढ़ रहे छात्रों से कांपा प्रशासन

एकलव्य चौराहे पर रोका तो हुई तीखी नोंकझोंक

नाराज न्यायिक सेवा के प्रतियोगी अनशन पर बैठे, वकीलों का भी मिला समर्थन

ALLAHABAD: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीपीएससी) की पीसीएस जे (यूपी सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा) की तैयारी करने वाले छात्र- छात्राएं फ्राइडे को सड़क पर उतर आए। अपनी मांगों को लेकर चन्द्रशेखर आजाद पार्क से निकले छात्रों के हुजूम को इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर बढ़ता देख जिला व पुलिस प्रशासन के हाथ- पांव फूल गये। छात्रों की भीड़ को पुलिस बल ने एकलव्य चौराहे पर ही रोक दिया और आगे नहीं जाने के लिए आदेशित किया। इससे आक्रोशित छात्र- छात्राओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई.

कुछ ही छात्र जा सके आगे

मामला बढ़ता देख पुलिस के अफसरों ने हाईकोर्ट चौराहे स्थित डॉ। भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा तक ही कुछ छात्रों को जाने की छूट दी। इससे नाराज मुट्ठीभर छात्र प्रतिमा स्थल तक पहुंचने के बाद वहीं अनशन पर बैठ गए। उनके साथ न्यायिक सेवा की प्रतियोगी छात्राएं भी अनशन पर बैठ गई। क्रमिक अनशन में रामकरन निर्मल, गजेन्द्र सिंह यादव, रजनी मद्धेशिया, सुशील चौधरी, वंदना सिंह, सबिस्ता परवीन, प्रभा जायसवाल, सविता वर्मा, शशि शाक्या, पुष्पा यादव, दिव्य प्रकाश, अरुण विद्यार्थी, गजेन्द्र सिंह यादव, देवेन्द्र माथुर, जितेन्द्र सरोज, सतपाल सिंह, जितेन्द्र यादव, आशीष पटेल शामिल रहे। क्रमिक अनशन पर बैठे छात्रों से मिलने शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी पहुंचे।

ये है प्रतियोगियों की मांग

- भाषा का प्रश्न पत्र 100 अंक का किया जाए। इसमें 50 अंक हिन्दी और 50 अंक अंग्रेजी भाषा के निर्धारित हों।

- प्रश्न पत्र के मूल्यांकन में हिन्दी माध्यम के छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त किया जाए.

- न्यायिक परीक्षाओं का आयोजन प्रतिवर्ष नियमित रूप से किया जाए.

- उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज

(जूनियर डिवीजन) की परीक्षा में अन्य राज्यों की भांति चार अवसर की बाध्यता समाप्त किया जाए.

- राजस्व न्यायिक भर्ती परीक्षा में विधि के प्रश्न पत्र को शामिल किया जाए.

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