सस्ती और ताजी सब्जी खिलाने का वादा फेल

By: Inextlive | Publish Date: Wed 15-Nov-2017 07:01:05
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आई कंसर्न

वेज फ्रेश की 15 दुकानें खुलनी थीं, 5 खुलीं उसमें भी 3 के शटर डाउन

स्लग: रांची के लोगों को ताजी सब्जियां खिलाने के लिए खुलने थे आउटलेट्स

- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत नो प्रोफिट नो लॉस की तर्ज पर खुलनी थीं दुकानें

RANCHI (14 Nov): राजधानी के लोगों को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए वेज फ्रेश की क्भ् शॉप खुलनी थीं। ख्0क्ब् में पांच दुकानें ही खुल पाई। वहीं, अब इन पांच में से तीन दुकानों के भी शटर डाउन हो चुके हैं। अब मात्र दो दुकानें ही खुली हैं, जहां ताजी सब्जियां मिल रही हैं। बरियातू थाना ,राजेंद्र चौक डोरंडा, सिदो- कान्हू पार्क, बिरसा चौक व अशोक नगर रोड नंबर- ब् के पास पांच आउटलेट्स खुले थे। फिलहाल डोरंडा और बरियातू में ही वेज फ्रेश की दुकानें खुली हुई हैं। यह आउटलेट राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत खोले जा रहे हैं.

वेजफेड उदासीन, एनजीओ की मुनाफे पर नजर

मामले में वेजफेड के अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि राजधानी की जनता को हरी ताजी सब्जियां मिले, इसके लिए ये दुकानें खुली थी। इनका ठेका लोहरदगा के एक एनजीओ को मिला था, पर वह इन दुकानों को ठीक से नहीं चला पा रहा है। राजधानी के पॉश पांच जगहों पर एसी दुकान खोलने के पीछे की मंशा जनता के साथ- साथ सब्जी उत्पादकों को भी लाभ पहुंचाने की थी। पर वेजफेड के उदासीन रवैया और लोहरदगा के एक एनजीओ की मुनाफे कमाने की भूख ने सरकार की नेक योजना पर पानी फेर दिया। वेजफेड ने लोहरदगा के जिस एनजीओ को नो प्रोफि ट नो लॉस पर दुकान का जिम्मा सौंपा था, उसकी नजर मुनाफे पर ज्यादा है।

क्भ् आउटलेट के लिए मांगी थी जगह

शहरी क्षेत्र में वेजफेड ने क्भ् स्थानों में रिटेल आउटलेट खोलने का निर्णय लिया था। हालांकि, अब तक मात्र पांच स्थानों में ही रिटेल आउटलेट खोले गये हैं। शेष क्0 आउटलेट के लिए वेजफेड ने प्रशासन से जगह मांगी है। इस संबंध में वेजफेड में प्रबंध निदेशक जयदेव सिंह ने अपर समाहर्ता रांची को पत्र लिखकर जगह मांगी है, श्री सिंह ने आउटलेट के लिए जगह का भी चयन किया है। इसकी सूची जिला प्रशासन को भेज दी है। उन्होंने कहा है कि भूमि की अनुपलब्धता के कारण शेष आउटलेट अब तक नहीं खोले जा सके हैं। रांची में खुले पांचों वेज फ्रेश के संचालन का जिम्मा लोहरदगा के एनजीओ वेजिटेबल ग्रोवर को- आपरेटिव सोसायटी को दिया गया है.

जो दो चल रहे, वो भी लक्ष्य से भटके

वेजफेड द्वारा किसानों से सब्जियां खरीदकर रांची के लोगों के बीच पहुंचाने की मंशा के साथ वेजफ्रे श द्वारा खोली गई ताजा सब्जियों की दुकान कमाई का जरिया बनकर रह गई हैं। जिन सब्जियों के लिए दुकानें खोली गई थीं, उसकी जगह बाहर हो गई हैं और दुकान मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पाद बेचने की जगह बनकर रह गई है।

वर्जन

वेजफेड द्वारा रांची के लोगों को ताजी सब्जी खिलाने के लिए पांच वेज फ्रेश आउटलेट ख्0क्ब् में खोला गए थे। इसमें से कुछ दुकानें बंद हैं। लेकिन जिस को- ऑपरेटिव सोसायटी को काम दिया गया है, वो बंद रखता है। क्भ् साल का एग्रीमेंट है, हमलोगों को किराया मिल रहा है। दुकानें क्यों बंद रखी गई है, इसको खोलने के लिए नोटिस भी दिया गया है.

- सुनील कुमार, मैनेजर, वेजफेड रांची

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